विस्तृत उत्तर
माँ सरस्वती के 108 नामों की नामावली विद्या, बुद्धि, वाक्शक्ति और कला की प्राप्ति के लिए जपी जाती है। यह विशेष रूप से छात्रों, लेखकों, संगीतज्ञों और कलाकारों के लिए अत्यंत लाभदायक मानी जाती है।
जप की विधि इस प्रकार है — बसंत पंचमी, सरस्वती पूजा के दिन और प्रत्येक बुधवार को यह जप विशेष फलदायक है। प्रातःकाल स्नान करके श्वेत वस्त्र पहनें, क्योंकि माँ सरस्वती को श्वेत रंग अत्यंत प्रिय है। सफेद पुष्प (कमल, चमेली, तुलसी) अर्पित करें। स्फटिक माला या श्वेत चंदन की माला से जप करें।
ॐ सरस्वत्यै नमः', 'ॐ महाभद्रायै नमः', 'ॐ महामाय्यै नमः', 'ॐ वरप्रदायै नमः', 'ॐ श्रीप्रदायै नमः' जैसे क्रम में 108 नाम जपें। माँ सरस्वती का बीज मंत्र 'ॐ ऐं' है — जप आरंभ करने से पहले इसका 21 बार उच्चारण करें।
परीक्षा से पहले, नई पुस्तक प्रारंभ करने से पहले या किसी कला की साधना आरंभ करते समय यह जप विशेष लाभ देता है। जप के बाद श्वेत मिठाई या खीर का प्रसाद चढ़ाएं।





