लोकअपराजिता भवन क्या है?अपराजिता सत्यलोक में सलज्ज नगर का वह दिव्य भवन है जहाँ ब्रह्मा जी विचक्षण सिंहासन पर विराजते हैं। अपराजिता = जो कभी पराजित न हो।#अपराजिता#भवन#सत्यलोक
लोकइल्या वृक्ष क्या है?इल्या वृक्ष सत्यलोक में विजरा नदी के पार स्थित एक दिव्य वृक्ष है जिसकी सुगंध से जीव सुवासित और आत्मिक रूप से शुद्ध होता है।#इल्या#वृक्ष#सत्यलोक
लोकअर सरोवर क्या है?अर सरोवर सत्यलोक में प्रवेश के मार्ग पर है। इसे पार करने से जीव के सभी सांसारिक द्वंद्व (सुख-दुःख, मान-अपमान) समाप्त हो जाते हैं।#अर सरोवर#सत्यलोक#द्वंद्व
लोकसत्यलोक के द्वारपाल कौन हैं?सत्यलोक के द्वारपाल इंद्र और प्रजापति हैं। यह उल्लेखनीय है कि स्वर्ग के राजा इंद्र यहाँ द्वारपाल हैं — यह सत्यलोक की सर्वोच्चता का प्रमाण है।#सत्यलोक#द्वारपाल#इंद्र
लोकसत्यलोक में 500 अप्सराएं किसका स्वागत करती हैं?500 अप्सराएं ब्रह्मज्ञानी जीव का स्वागत करती हैं — 100 माला, 100 लेप, 100 आभूषण, 100 वस्त्र और 100 सुगंधित चूर्ण लेकर। वे उसे ब्रह्मा के आभूषणों से अलंकृत करती हैं।#अप्सराएं#500#स्वागत
लोकविजरा नदी क्या है?विजरा नदी सत्यलोक की प्रमुख आध्यात्मिक सीमा है जिसका अर्थ है 'जहाँ बुढ़ापा या क्षय न हो'। इसे पार करने से जीव कर्म-बंधन से मुक्त हो जाता है।#विजरा#नदी#सत्यलोक