कुंडलिनीकुंडलिनी जागरण से पहले कैसे तैयारी करें?शारीरिक: सिद्धासन, नाड़ी शोधन, बंध, सात्विक (6-12 मास)। मानसिक: ध्यान 20-30, यम-नियम, भय नाश। आध्यात्मिक: गुरु (सबसे महत्वपूर्ण), दीक्षा। 'जल्दबाजी=खतरा। नींव मजबूत।'#कुंडलिनी#तैयारी#पहले
अधिवास विधिअधिवास क्या होता है?अधिवास वह प्रारंभिक संस्कार है जिससे भगवान के आवाहन से पूर्व शिवलिंग का शोधन किया जाता है — इसका उद्देश्य मूर्ति को दिव्य ऊर्जा ग्रहण करने के योग्य बनाना है।#अधिवास#मूर्ति शोधन#दिव्य ऊर्जा
गृहस्थ धर्मगृहस्थ मृत्यु तैयारी कैसे करें आध्यात्मिकनियमित भक्ति=अंतिम स्मरण natural। गीता 8.5: 'अंतिम स्मरण=गति।' वसीयत/ऋण चुकाएं/क्षमा/दान। शरीर=कपड़ा बदलना। अच्छे कर्म+ईश्वर स्मरण=daily तैयारी।#मृत्यु#तैयारी#आध्यात्मिक
ध्यान साधनाध्यान से पहले कौन सा प्राणायाम करें?अनुलोम-विलोम (5-10 मिनट) = सबसे आवश्यक। भ्रामरी (3-5 बार) = मन शांत। कपालभाति (सुबह)। शुरुआती: केवल अनुलोम-विलोम। क्रम: प्राणायाम→ध्यान (योग सूत्र)। BP/हृदय = सावधानी।#प्राणायाम#पहले#ध्यान
मंत्र जप दर्शनमंत्र जप ध्यान की तैयारी है या स्वयं ध्यान है?दोनों। शुरुआत = तैयारी (धारणा→ध्यान)। गहन = स्वयं ध्यान (जपकर्ता+मंत्र+देवता = एक)। क्रम: वाचिक→उपांशु→मानस→अजपा→ध्यान→समाधि। 'जप से ध्यान, ध्यान से समाधि।'#जप#ध्यान#तैयारी