शिव पूजाचौदह मुखी रुद्राक्ष शिव का तीसरा नेत्र क्यों कहलाता है?
14 मुखी = शिव तीसरा नेत्र: शिव नेत्रों से उत्पन्न, आज्ञा चक्र जाग्रत करता है (अन्तर्दृष्टि), तीसरा नेत्र = संहार शक्ति (शत्रु-नकारात्मकता नाश), परम दुर्लभ (तीसरा नेत्र सामान्यतः बंद)। लाभ: भविष्य ज्ञान, सर्वरक्षा। 'देव मणि' कहलाता है।
#14 मुखी रुद्राक्ष#तीसरा नेत्र#देव मणि