दिव्यास्त्रइंद्र का वज्र कितना शक्तिशाली थावज्र में नारायण-शक्ति, दधीचि-तपस्या और इंद्र-प्रारब्ध तीन शक्तियाँ थीं। श्रीकृष्ण ने कहा — 'अस्त्रों में मैं वज्र हूँ।' जो वृत्रासुर किसी से नहीं हारा, वह वज्र से ही मारा गया।#वज्र शक्ति#इंद्र#बिजली
अस्त्र शस्त्रभीष्म पितामह के पास कौन से दिव्य अस्त्र थे?भीष्म के पास ब्रह्मास्त्र, प्रस्वापनास्त्र, समस्त देवास्त्र और 5 अभिमंत्रित स्वर्ण तीर थे। परशुराम से पूरी युद्धकला प्राप्त की थी — प्रस्वापनास्त्र एकमात्र ऐसा था जिसका उत्तर परशुराम के पास नहीं था।#भीष्म#दिव्य अस्त्र#ब्रह्मास्त्र
महेश्वर कवचम् के श्लोक और अर्थमहेश्वर कवचम् में शिव के कौन से आयुध बताए गए हैं?महेश्वर कवचम् में शिव के चार दिव्य आयुध बताए गए हैं: पाश (रस्सी), त्रिशूल, खड्ग (तलवार) और वज्र — ये सभी भक्तों की रक्षा के लिए तत्पर हैं।#शिव आयुध#पाश त्रिशूल खड्ग वज्र#दिव्य अस्त्र
पाशुपत अस्त्र साधनादिव्य पाशुपतास्त्र क्या है?पाशुपतास्त्र ब्रह्मांड का सबसे शक्तिशाली और विध्वंसक अस्त्र है, जिसे भगवान शिव ने आदिशक्ति से प्राप्त किया था।#पाशुपतास्त्र#शिव#शक्ति
विष्णु अस्त्र शस्त्रसुदर्शन चक्र क्या है?सुदर्शन चक्र विष्णु का गोलाकार, तेजोमय, धारदार और अचूक दिव्य अस्त्र है। यह निरंतर गतिशील रहता है, मन की गति से चलता है और लक्ष्य नष्ट करके वापस लौट आता है। इसके 12 अरे और 9 नाभियाँ हैं।#सुदर्शन चक्र#विष्णु#दिव्य अस्त्र