रामचरितमानस — बालकाण्डविश्वामित्रजी ने श्रीरामजी को कौन-कौन से दिव्यास्त्र दिये?विश्वामित्रजी ने 'विद्यानिधि' (विद्याओं के भण्डार) रामजी को अनेक विद्याएँ दीं — जिनसे भूख-प्यास न लगे, अतुलित बल-तेज प्रकट हो। मानस में विशिष्ट नाम नहीं। वाल्मीकि रामायण में बला-अतिबला आदि का विस्तार है।#बालकाण्ड#दिव्यास्त्र#विश्वामित्र
अस्त्र शस्त्रप्रस्वापास्त्र क्या है जो भीष्म के पास था?प्रस्वापनास्त्र शत्रु को गहरी नींद में डालने वाला दिव्यास्त्र था। भीष्म-परशुराम युद्ध में जब वसुओं ने भीष्म को इसका स्मरण कराया, परशुराम के पास इसका कोई उत्तर नहीं था — इसीलिए युद्ध बंद हुआ।
अस्त्र शस्त्ररामायण में राम के पास कौन-कौन से दिव्य अस्त्र थे?विश्वामित्र ने राम-लक्ष्मण को 50+ दिव्यास्त्र दिए — 5 चक्र, ब्रह्मास्त्र, नारायणास्त्र, वज्रास्त्र, 3 पाश, आग्नेय, वायव्य सहित। रावण वध के लिए अगस्त्य मुनि ने ब्रह्मास्त्र दिया।#राम अस्त्र#विश्वामित्र#ब्रह्मास्त्र
अस्त्र शस्त्रअर्जुन ने स्वर्ग जाकर इंद्र से कौन से अस्त्र सीखे?अर्जुन ने स्वर्ग में इंद्र से वज्रास्त्र, सम्मोहनास्त्र, इंद्रास्त्र, निवातकवच युद्ध में रुद्रास्त्र (3 करोड़ असुर वध) सीखे। यम-वरुण-कुबेर से भी अस्त्र प्राप्त किए। एक वर्ष अमरावती में रहे।#अर्जुन स्वर्ग#इंद्र अस्त्र#अमरावती
अस्त्र शस्त्रअर्जुन के पास कौन-कौन से दिव्य अस्त्र थे?अर्जुन के पास पाशुपतास्त्र (शिव से), ब्रह्मास्त्र (द्रोण से), नारायणास्त्र, वज्रास्त्र (इंद्र से), गांडीव+अक्षय तरकश (अग्नि-वरुण से) सहित अनेक दिव्यास्त्र थे।#अर्जुन अस्त्र#पाशुपतास्त्र#ब्रह्मास्त्र