दिव्यास्त्रसंमोहनास्त्र चलने पर दुश्मन क्या करने लगता हैसंमोहनास्त्र चलने पर शत्रु पर दिव्य मोह छा जाता है — वे निद्रा में जाते हैं, अस्त्र-शस्त्र छोड़ देते हैं और युद्ध करने में असमर्थ हो जाते हैं। यह प्रभाव पूरी सेना पर एक साथ पड़ सकता था।#संमोहनास्त्र प्रभाव#निद्रा#भ्रम
दिव्यास्त्रसंमोहनास्त्र क्या हैसंमोहनास्त्र शत्रु को मारता नहीं — उसकी चेतना, विवेक और युद्ध-क्षमता नष्ट कर देता है। शत्रु भ्रमित, निद्रित या मोहित हो जाता है। यह मानसिक स्तर पर काम करने वाला दिव्यास्त्र है।#संमोहनास्त्र#मोह अस्त्र
दिव्यास्त्रअंतर्धान अस्त्र की कितनी शक्तियाँ थीं और क्या-क्या थीं?अंतर्धान अस्त्र की तीन शक्तियाँ थीं — अदृश्य होने की शक्ति, शत्रु को निद्रा में डालने की शक्ति, और मानसिक भ्रम पैदा करने की शक्ति।#अंतर्धान अस्त्र#तीन शक्तियाँ#अदृश्यता
नित्य कर्मरात को सोने का मंत्रबिस्तर पर लेटकर उन पांच महान ऋषियों का स्मरण करना चाहिए जिन्हें सुखपूर्वक सोने का वरदान प्राप्त था। इसके लिए 'अगस्तिर्माधवश्चैव मुचुकुन्दो...' श्लोक का मानसिक जप सर्वोत्तम है।#निद्रा#शयन#मानसिक शांति
दोष निवारणडरावने सपनों का हनुमान मंत्रनींद में डरावने सपनों और नकारात्मक शक्तियों से बचने के लिए बिस्तर पर लेटकर हनुमान चालीसा की चौपाई 'भूत पिशाच निकट नहिं आवै...' का 11 बार मानसिक जप करना चाहिए।#डरावने सपने#हनुमान#निद्रा
नित्य कर्मनींद न आने की समस्या के लिए शांति मंत्रगहरी और शांत नींद के लिए बिस्तर पर लेटकर 'अगस्तिर्माधवश्चैव मुचुकुन्दो...' श्लोक का मानसिक स्मरण करना चाहिए, जो मन के भटकाव को रोककर तंत्रिका तंत्र को शांत करता है।#अनिद्रा#शांति मंत्र#निद्रा
मंत्र साधनाबुरे सपनों से बचने का हनुमान मंत्रसोने से पूर्व 'भूत पिशाच निकट नहिं आवै...' चौपाई या 'ॐ रामदूताय नमः' का 11 बार जप करने से नींद में सुरक्षा कवच बनता है और डरावने सपने नहीं आते।#बुरे सपने#हनुमान#रक्षा मंत्र