ध्यान साधनाध्यान का प्रभाव परिवार और समाज पर कैसे पड़ता है?परिवार: शांत व्यक्ति=शांत घर, कलह↓, सम्बंध गहरे, बच्चे सीखें। समाज: Maharishi Effect (1% ध्यान=नगर शांत), हिंसा/अपराध↓, सेवा भाव↑, Ripple Effect। गीता 6.32: 'सबमें स्वयं=परम योगी।' ध्यान शांति=तरंगों की भाँति फैलती।#ध्यान प्रभाव#परिवार#समाज
दिव्यास्त्रअश्वसेन के मन में अर्जुन के प्रति प्रतिशोध क्यों था?खांडव वन दहन में अर्जुन के बाणों से अश्वसेन का पूरा परिवार जलकर मर गया था, इसीलिए उसके मन में अर्जुन के प्रति गहरा प्रतिशोध था।
मंत्र साधनाकुलदेवी-देवता को प्रसन्न करने का मूल मंत्रकुलदेवी को प्रसन्न करने के लिए 'ॐ कुलदेव्यै नमः' या माता दुर्गा के नवार्ण मंत्र का लाल पुष्प अर्पित कर जप करना चाहिए। यह परिवार की पूर्ण रक्षा करता है।#कुलदेवी#मूल मंत्र#परिवार
मंत्र साधनाघर की सुख-शांति के लिए विष्णु मंत्रपारिवारिक क्लेश दूर कर घर में प्रेम और शांति स्थापित करने के लिए प्रतिदिन भगवान विष्णु के द्वादशाक्षर मंत्र 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' का सपरिवार जप करना चाहिए।#सुख-शांति#विष्णु#क्लेश निवारण
मंत्र साधनाकुलदेवी को प्रसन्न करने का गुप्त मंत्रकुलदेवी का विशिष्ट मंत्र ज्ञात न होने पर 'ॐ कुलदेव्यै नमः' या 'नवार्ण मंत्र' का जप लाल पुष्प अर्पित कर करने से कुलदेवी प्रसन्न होती हैं और परिवार की रक्षा करती हैं।#कुलदेवी#परिवार#सुरक्षा
लोकनवमी श्राद्ध से परिवार को क्या आशीर्वाद मिलता है?धन, संतति, ऐश्वर्य और शांति।#परिवार#आशीर्वाद#नवमी श्राद्ध
लोकप्रेत बाधा परिवार को कैसे प्रभावित करती है?प्रेत बाधा परिवार की मति, प्रीति, रीति, लक्ष्मी और बुद्धि नष्ट कर वंश को दरिद्र, रोगी और निःसंतान बना सकती है।#प्रेत बाधा#परिवार#वंश विनाश
अष्टलक्ष्मीसंतानलक्ष्मी का क्या स्वरूप है?संतानलक्ष्मी = सुयोग्य संतान की प्राप्ति, संतान की रक्षा और परिवार संस्था को अक्षुण्ण रखने वाली देवी। स्वरूप: गोद में बालक स्कंद (कुमार), छः भुजाएं, बालक के हाथ में कमल।#संतानलक्ष्मी#सुयोग्य संतान#परिवार
स्वभावनल योग वाले लोग अपने परिवार और दोस्तों के साथ कैसे होते हैं?शास्त्रों के अनुसार ये लोग 'बन्धुहित' चाहने वाले होते हैं। ये लोग अपने दोस्तों, परिवार और रिश्तेदारों की मदद करने वाले और उनके बुरे वक्त में काम आने वाले परोपकारी इंसान होते हैं।#बन्धुहित#परिवार#परोपकार
पौराणिक विवरणमनसा देवी के पति और पुत्र का क्या नाम है?देवी मनसा के पति का नाम महान तपस्वी 'ऋषि जरत्कारु' है और उनके परम प्रतापी पुत्र का नाम 'आस्तीक मुनि' है।#ऋषि जरत्कारु#मुनि आस्तीक#परिवार
जीवन एवं मृत्युप्रेत को परिवार से क्या अपेक्षा होती है?प्रेत को परिवार से अपेक्षा — पिंडदान-श्राद्ध की विधिपूर्वक पूर्णता, नाम पर दान, याद और स्मरण, और उचित संस्कारों का अनुष्ठान। 'पिंडदान न मिले तो कल्पान्त तक भटकन' — यही प्रेत की सर्वोच्च चाहत है।#प्रेत#परिवार#अपेक्षा
जीवन एवं मृत्युक्या प्रेत अपने परिवार के पास रहता है?हाँ, गरुड़ पुराण के अनुसार प्रेत-आत्मा 13 दिनों तक परिजनों के पास रहती है। मोहग्रस्त आत्माएँ लंबे समय तक घर के पास भटकती हैं। परिजन उसे देख-सुन नहीं पाते — यही उसकी पीड़ा है।#प्रेत#परिवार#भटकना
जीवन एवं मृत्युक्या मृत्यु के बाद जीव अपने परिवार को देखता है?हाँ, गरुड़ पुराण के अनुसार मृत्यु के बाद जीवात्मा 13 दिनों तक परिवार के पास रहकर उन्हें देखती है। वह पुकारती है परंतु परिवार सुन नहीं पाता। परिजनों का विलाप जीव को दुखी करता है — इसीलिए शांत भाव और पिंडदान का विधान है।#मृत्यु के बाद#परिवार#जीव
जीवन एवं मृत्युमृत्यु के समय परिवार का क्या प्रभाव होता है?परिवार से मोह मृत्यु को कष्टकारी बनाता है — ऐसी आत्मा प्राण छोड़ने में कठिनाई अनुभव करती है। परिजनों का शांत भाव, ईश्वर-स्मरण और गीता-पाठ मरणासन्न व्यक्ति की चेतना को शांत रखता है।#मृत्यु#परिवार#मोह
गृहस्थ धर्मपरिवार हवन कैसे करेंकुंड+आम लकड़ी+घी+सामग्री। गणेश→अग्नि→'स्वाहा' आहुति→गायत्री 108→पूर्णाहुति। परिवार सब बारी-बारी। रविवार/पूर्णिमा। शुद्धि+एकता+संस्कार।#परिवार#हवन#विधि
आत्मा और मोक्षमरने के बाद आत्मा अपने परिवार को देख सकती है क्यागरुड़ पुराण अनुसार 13 दिन तक आत्मा प्रेत शरीर में परिवार के पास रहती और देख सकती है, पर संवाद नहीं कर सकती। 13 दिन बाद यमलोक जाती है। श्राद्ध/तर्पण में पितृ आत्माएं आती हैं। यह आस्था आधारित विषय है।#आत्मा#परिवार#प्रेत
ध्यान साधनाध्यान का प्रभाव परिवार और समाज पर कैसे पड़ता है?परिवार: शांत व्यक्ति=शांत घर, कलह↓, सम्बंध गहरे, बच्चे सीखें। समाज: Maharishi Effect (1% ध्यान=नगर शांत), हिंसा/अपराध↓, सेवा भाव↑, Ripple Effect। गीता 6.32: 'सबमें स्वयं=परम योगी।' ध्यान शांति=तरंगों की भाँति फैलती।#ध्यान प्रभाव#परिवार#समाज