विस्तृत उत्तर
ब्रह्मा जी की आज्ञा से देवी मनसा का विवाह एक महान तपस्वी 'ऋषि जरत्कारु' के साथ संपन्न हुआ था। कालान्तर में देवी मनसा के पावन गर्भ से एक परम प्रतापी और वेदों के ज्ञाता पुत्र ने जन्म लिया, जिनका नाम 'आस्तीक' मुनि था। इन्ही आस्तीक मुनि ने आगे चलकर नाग जाति को भस्म होने से बचाया था।





