दान विधानतिलधेनु दान का मंत्र क्या है?
तिलधेनु दान मंत्र: 'देवदेव जगन्नाथ प्रीयतां भूर्भुवः स्वः। पिता पितामहः प्रपितामहश्च प्रीयताम्।' अर्थ: हे जगन्नाथ! तीनों लोक प्रसन्न हों। मेरे पिता, पितामह और प्रपितामह प्रसन्न हों।
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