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पूर्वभाग अध्याय 14 से जुड़े सभी प्रश्न(14)

पूर्वभाग अध्याय 14 पर शास्त्रीय व्याख्या, विधि, नियम, मंत्र और लाभ — सब एक ही स्थान पर। कुल 14 प्रश्न उपलब्ध हैं।

अघोर फल

अघोर शिव का ध्यान करने से क्या फल मिलता है?

योग के द्वारा महादेव का ध्यान करने वाले मनीषी अविनाशी भगवान् रुद्र के दिव्य लोक को प्राप्त होते हैं।

#अघोर ध्यान#महादेव#योग
शिवस्थान

शिव का निर्विकार और निर्गुण स्थान क्या बताया गया है?

शिव का स्थान महेश्वर का निर्विकार, निर्गुण, विश्वरूप और ऐश्वर्यमय स्थान बताया गया है।

#निर्विकार#निर्गुण#विश्वरूप
महायोग

महायोग का उपदेश किसे दिया गया?

अघोर परमेश्वर की उपासना करने के बाद चार कुमारों ने अपने शिष्यों को महायोग का उपदेश दिया।

#महायोग#उपदेश#शिष्य
अघोर कुमार

चार कृष्णवर्ण कुमारों का स्वरूप कैसा था?

वे कृष्णवर्ण, कृष्णमाला से विभूषित और कृष्ण अंगराग से अनुलिप्त महात्मा कुमार बताए गए हैं।

#कृष्णवर्ण कुमार#कृष्णमाला#कृष्ण अंगराग
अघोर कुमार

अघोर शिव के पास प्रकट चार कुमार कौन थे?

अघोर शिव के समीप कृष्ण, कृष्णशिख, कृष्णास्य और कृष्णवस्त्रधृक् नाम वाले चार महात्मा कुमार प्रकट हुए।

#चार कुमार#कृष्ण#कृष्णशिख
अघोर दर्शन

अघोर शिव ने ब्रह्मा को दर्शन कैसे दिया?

ब्रह्मा ने ध्यान और शरणागति से अघोर को ब्रह्मस्वरूप मानकर ध्यान किया, तब अघोर महादेव ने उन्हें साक्षात् दर्शन दिया।

#अघोर दर्शन#ब्रह्मा#ध्यान
अघोर उपासना

प्राणायाम और ध्यान से शिव की उपासना कैसे बताई गई है?

ध्यानयुक्त मन, प्राणायाम और हृदय में महेश्वर को धारण करके अघोररूप परमेश्वर की शरण लेना उपासना रूप में बताया गया है।

#प्राणायाम#ध्यान#उपासना
ब्रह्मा और अघोर

ब्रह्मा ने अघोर शिव की शरण कैसे ली?

ब्रह्मा ने अघोर शिव को महादेव जानकर प्रणाम किया, प्राणायाम और ध्यान से महेश्वर को हृदय में धारण किया और उनकी शरण ली।

#ब्रह्मा#अघोर#शरणागति
ब्रह्मा और अघोर

ब्रह्मा का वर्ण काला कैसे हुआ?

प्रजासृष्टि की इच्छा से चिंतनमग्न और पुत्रकामना से ध्यानरत होने पर ब्रह्मा का वर्ण काला बताया गया है।

#ब्रह्मा#कृष्णवर्ण#ध्यान
ब्रह्मा और अघोर

ब्रह्मा ने प्रजा-सृष्टि के लिए क्या किया?

ब्रह्मा प्रजासृष्टि की इच्छा से दुःखित होकर विचारमग्न हुए और पुत्र की कामना से ध्यान करने लगे।

#ब्रह्मा#प्रजासृष्टि#चिंतन
असित कल्प

सृष्टि से पहले क्या स्थिति बताई गई है?

प्रजासृष्टि से पहले एक हजार दिव्य वर्षों तक सर्वत्र जल ही जल व्याप्त बताया गया है।

#सृष्टि#जल#प्रजासृष्टि
असित कल्प

असित कल्प क्या है?

असित कल्प पीतकल्प के बीत जाने के बाद प्रवृत्त ब्रह्मा का दूसरा कल्प बताया गया है।

#असित कल्प#कल्प#ब्रह्मा
अघोर रूप

अघोर शिव का रूप कैसा बताया गया है?

अघोर शिव का रूप कृष्णवर्ण, तेजस्वी, कृष्ण वस्त्र-पगड़ी, कृष्ण मुकुट, यज्ञोपवीत और कृष्ण अंगराग से युक्त बताया गया है।

#अघोर रूप#कृष्णवर्ण#कृष्ण वस्त्र
अघोर महिमा

अघोर शिव कौन हैं?

अघोर शिव असित कल्प में कृष्णवर्ण कुमार के रूप में प्रकट हुए महादेव हैं, जिन्हें ब्रह्मा ने देवदेवेश और ब्रह्मस्वरूप माना।

#अघोर#शिव#महादेव
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