विस्तृत उत्तर
अघोर शिव महादेव का वह रूप हैं जिसे ब्रह्मा ने असित कल्प में कृष्णवर्ण कुमार के रूप में देखा। वह कुमार महान् वीर्यसम्पन्न, अपने तेज से देदीप्यमान और कृष्ण वस्त्र, कृष्ण पगड़ी, यज्ञोपवीत, कृष्ण मुकुट तथा कृष्ण अंगराग से सुशोभित था। ब्रह्मा ने उस घोर पराक्रम वाले महात्मा को अघोरसंज्ञक महादेव जाना, देवदेवेश को प्रणाम किया और बाद में उन्हें ब्रह्मस्वरूप मानकर ध्यान किया।
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