प्रकृति-पुरुष सिद्धांतशाक्त दर्शन में प्रकृति और पुरुष का क्या संबंध है?
प्रकृति-पुरुष = अभिन्न अविभाज्य (जैसे अग्नि-ताप, कमल-सुगंध, सूर्य-रश्मि)। दुर्गा = प्रकृति — जगत को जन्म, पालन, संहार करती हैं। ब्रह्मा, विष्णु, शिव देवी के त्रिगुणों के अधीन। पुरुष = केवल साक्षी और निर्लेप। सृष्टि की समस्त क्रियाएं = प्रकृति (दुर्गा) द्वारा।
#प्रकृति पुरुष#शाक्त दर्शन#अग्नि ताप