लोकमन्वन्तर क्या होता है?मन्वन्तर वह कालखंड है जिसमें एक मनु शासन करता है। एक कल्प में 14 मन्वन्तर होते हैं। प्रत्येक में एक मनु, इन्द्र और सप्तर्षि ब्रह्मांड का प्रशासन संभालते हैं।#मन्वन्तर#मनु#सप्तर्षि
मनुमनुओं को स्वरात्मक क्यों कहा गया है?मनुओं को अकार से ओकार तक चौदह स्वरों के रूप वाला कहा गया है, इसलिए वे स्वरात्मक बताए गए हैं।#मनु#स्वरात्मक#अकार
मनुस्वायम्भुव मनु कौन हैं?स्वायम्भुव मनु आदिमनु बताए गए हैं और चौदह मनुओं की सूची में पहले आते हैं।#स्वायम्भुव मनु#आदिमनु#मनु
मनु और शतरूपामनु और शतरूपा की संतान कौन थी?मनु और शतरूपा की संतान प्रियव्रत, उत्तानपाद, आकूति और प्रसूति बताई गई है।#मनु#शतरूपा#प्रियव्रत
कल्प और मन्वन्तरएक कल्प में कितने मनु होते हैं?एक हजार चतुर्युगी की अवधि में चौदह मनु उत्पन्न होते हैं।#कल्प#मनु#चतुर्युगी
सृष्टि तत्त्वमनु और शतरूपा की उत्पत्ति किस रूप में बताई गई है?मनु और शतरूपा की उत्पत्ति ब्रह्मा के स्त्री-पुरुष भाव के रूप में बताई गई है।#मनु#शतरूपा#ब्रह्मा
अवतारवादमत्स्य अवतार की कथा और महत्व क्या है?मत्स्य अवतार = प्रथम प्रमुख अवतार। प्रलयकाल में हयग्रीव असुर ने वेद चुराए → भगवान ने मछली रूप लेकर मनु, सप्तऋषियों और वेदों को बचाया। प्रतीक: जीवन की जल में उत्पत्ति।#मत्स्य अवतार#वेद रक्षा#मनु
रामचरितमानस — बालकाण्ड'तुम्ह सम पुत्र' — मनु-शतरूपा ने भगवान से कैसा पुत्र माँगा?'तुम्ह सम पुत्र' = आपके (भगवान के) समान पुत्र। भगवान के समान तो केवल भगवान ही हो सकते हैं — इसलिये भगवान ने स्वयं उनके पुत्ररूप में अवतार लिया। मनु-शतरूपा = अगले जन्म में राजा दशरथ और माता कौशल्या।#बालकाण्ड#तुम सम पुत्र#मनु
रामचरितमानस — बालकाण्डमनु और शतरूपा कौन थे?मनु और शतरूपा ब्रह्माजी की सृष्टि के प्रथम मानव दम्पति (राजा-रानी) थे। बुढ़ापे में विषय-वैराग्य न होने पर दुखी होकर पुत्र को राज्य देकर वनवास गये। नैमिषारण्य तीर्थ में भगवान की तपस्या की।#बालकाण्ड#मनु#शतरूपा