विस्तृत उत्तर
तुम्ह सम पुत्र' का अर्थ है — आपके (भगवान के) समान पुत्र।
मनु-शतरूपा ने भगवान से ऐसा पुत्र माँगा जो स्वयं भगवान के समान हो। यह अत्यन्त दुर्लभ वरदान था — भगवान के समान तो केवल भगवान ही हो सकते हैं।
इसीलिये भगवान ने स्वयं मनु-शतरूपा के पुत्ररूप में अवतार लिया। अगले जन्म में मनु-शतरूपा ही राजा दशरथ और माता कौशल्या बने और भगवान श्रीराम उनके पुत्र रूप में प्रकट हुए।
भगवान ने कहा था — 'मातु बिबेक अलौकिक तोरें। कबहुँ न मिटिहि अनुग्रह मोरें॥' — हे माता! मेरी कृपासे तुम्हारा अलौकिक ज्ञान कभी नष्ट न होगा।
इस प्रकार मनु-शतरूपा का वरदान रामावतार का एक प्रमुख कारण बना।





