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शिव भक्त से जुड़े सभी प्रश्न(13)

शिव भक्त पर शास्त्रीय व्याख्या, विधि, नियम, मंत्र और लाभ — सब एक ही स्थान पर। कुल 13 प्रश्न उपलब्ध हैं।

शिव अस्त्र-शस्त्र

शिव का फरसा परशुराम को कैसे मिला

परशुराम ने शिव की घोर तपस्या की। शिव ने प्रसन्न होकर धर्म-रक्षा के लिए दिव्य परशु (फरसा) दिया और उसे उठाने की शक्ति भी प्रदान की। इसी से वे 'परशुराम' कहलाए।

#परशु#परशुराम#फरसा
शिव लीला

भस्मासुर कौन था?

भस्मासुर (वृकासुर) एक शिव-भक्त दैत्य था जिसने शिव को प्रसन्न करने के लिए केदार क्षेत्र में घोर तपस्या की। वरदान पाने के बाद उसने अपने ही आराध्य शिव पर उस वरदान का प्रयोग करने का प्रयास किया।

#भस्मासुर#वृकासुर#शिव भक्त
लोक

शुकदेव जी ने शिव भक्त और विष्णु भक्त का अंतर कैसे समझाया?

शुकदेव जी ने बताया कि शिव सकाम भक्तों को शीघ्र भौतिक वरदान देते हैं, जबकि विष्णु भक्त को मोक्ष के लिए आसक्ति से मुक्त करते हैं।

#शुकदेव#शिव भक्त#विष्णु भक्त
लोक

शिव भक्त जल्दी धनवान क्यों होते हैं?

शुकदेव जी के अनुसार शिव जी सकाम भक्तों को उनके गुण और इच्छा के अनुसार शीघ्र भौतिक वरदान दे देते हैं।

#शिव भक्त#धन#परीक्षित प्रश्न
लोक

अष्टमी श्राद्ध शिव भक्तों के लिए क्यों खास है?

अष्टमी रुद्र ऊर्जा से जुड़ी है।

#शिव भक्त#अष्टमी#श्राद्ध
लोक

त्रिपुर दहन में मय दानव क्यों बच गए?

मय दानव शिव भक्त थे और केवल वास्तुकार का कार्य कर रहे थे, इसलिए शिव ने उन्हें बचाया।

#मय दानव#त्रिपुर दहन#शिव भक्त
स्तोत्र के रचयिता और उत्पत्ति

महर्षि मार्कण्डेय कौन थे?

महर्षि मार्कण्डेय मृकण्डु ऋषि के पुत्र थे जिन्हें मात्र 16 वर्ष की आयु मिली थी — यमराज से बचाव के लिए उन्होंने शिवलिंग का आलिंगन करके शिव स्तुति की।

#मार्कण्डेय#मृकण्डु ऋषि#अल्पायु
पुराणों में अर्धनारीश्वर का प्राकट्य

ऋषि भृंगी ने पार्वती की पूजा क्यों नहीं की?

ऋषि भृंगी केवल शिव के भक्त थे और शिव-शक्ति में भेद मानते थे, इसीलिए उन्होंने पार्वती की पूजा से इनकार किया।

#ऋषि भृंगी#पार्वती#शिव भक्त
पुराणों में अर्धनारीश्वर का प्राकट्य

ऋषि भृंगी कौन थे?

ऋषि भृंगी शिव के परम भक्त थे जो केवल शिव की पूजा करते थे और पार्वती की परिक्रमा से इनकार करते थे। उनकी कथा से अर्धनारीश्वर स्वरूप के प्रकट होने का एक प्रसंग जुड़ा है।

#ऋषि भृंगी#शिव भक्त#अर्धनारीश्वर कथा
व्रत कथा

चाँद सौदागर ने मनसा देवी की पूजा उल्टे (बाएँ) हाथ से क्यों की थी?

क्योंकि उसने कसम खाई थी कि वह अपने सीधे (दाहिने) हाथ से सिर्फ भगवान शिव की पूजा करेगा। इसलिए अपना हठ रखने के लिए उसने पीठ फेरकर उल्टे (बाएँ) हाथ से फूल फेंका था।

#बाएं हाथ से पूजा#अहंकार#शिव भक्त
व्रत कथा

चाँद सौदागर कौन था और उसने मनसा देवी की पूजा करने से इंकार क्यों किया था?

चाँद सौदागर चंपक नगर का एक बहुत अमीर व्यापारी था। वह भगवान शिव का परम भक्त था और उसका घमंड था कि वह शिव के अलावा किसी अन्य देवी (खासकर मनसा देवी) की पूजा नहीं करेगा।

#चाँद सौदागर#चंपक नगर#शिव भक्त
पौराणिक कथाएँ

घंटाकर्ण कौन थे और उन्होंने कानों में घंटे क्यों बाँधे थे?

घंटाकर्ण शिव का परम भक्त पिशाच था जो विष्णु से घृणा करता था। विष्णु का नाम न सुनने के लिए कानों में घंटे लटकाए — नाम सुनते ही सिर हिलाता, घंटों की ध्वनि नाम को दबा देती। इसी से नाम 'घंटाकर्ण' पड़ा।

#घंटाकर्ण#शिवगण#पिशाच
पौराणिक कथा

रावण शिव भक्त था फिर पापी कैसे कहलाया

रावण शिवभक्त, वेदज्ञ, महाशक्तिशाली — पर पापी कहलाया क्योंकि: अहंकार, सीता हरण (परस्त्री अपहरण), ऋषियों पर अत्याचार, शक्ति का दुरुपयोग। शिक्षा: भक्ति + अहंकार = विनाश। ज्ञान बिना सदाचार = व्यर्थ। भक्ति ≠ अधर्म की अनुमति।

#रावण#शिव भक्त#पाप
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