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क्या है

यंत्र क्या है?(11)

यंत्र का अर्थयंत्र क्या है?यंत्र का महत्व
सरल उत्तर

सर्वोच्च तांत्रिक साधना — ललिता/त्रिपुर सुंदरी। प्रमुख यंत्र: श्री चक्र (यंत्र राज) — 9 त्रिकोण, 9 आवरण, बिंदु=ललिता। पंचदशाक्षरी मंत्र। गुरु अनिवार्य। शंकराचार्य प्रचारक।

स्रोत प्रश्न: श्री विद्या साधना क्या है और इसमें कौन सा यंत्र प्रमुख है? →
श्री विद्या

श्री विद्या साधना क्या है और इसमें कौन सा यंत्र प्रमुख है?

सर्वोच्च तांत्रिक साधना — ललिता/त्रिपुर सुंदरी। प्रमुख यंत्र: श्री चक्र (यंत्र राज) — 9 त्रिकोण, 9 आवरण, बिंदु=ललिता। पंचदशाक्षरी मंत्र। गुरु अनिवार्य। शंकराचार्य प्रचारक।

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यंत्र साधना

तंत्र में यंत्र को सिद्ध करने की विधि क्या है?

शुद्धि (गंगाजल+पंचामृत) → प्राण प्रतिष्ठा → अभिमंत्रण (सवा लाख/108 जप) → हवन (दशांश) → नित्य पूजा (दीपक+मंत्र)। नवरात्रि/दीपावली/शुक्रवार। गुरु/पुरोहित अनुशंसित।

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यंत्र

तंत्र में ताम्रपत्र पर यंत्र उत्कीर्ण करने की विधि क्या है?

ताम्र: शुक्र धातु, विद्युत सुचालक, antibacterial, दीर्घायु। विधि: शुभ मुहूर्त, शुद्ध ताम्र, सटीक ज्यामिति, मंत्र जप सहित उत्कीर्ण, बीज अंकन, प्राण प्रतिष्ठा। विशेषज्ञ से बनवाएं — स्वयं न बनाएं।

#ताम्रपत्र#यंत्र#उत्कीर्ण
यंत्र

बगलामुखी यंत्र की स्थापना और पूजा विधि क्या है?

बगलामुखी = शत्रु स्तंभन देवी। पीला रंग सर्वत्र — पीले कपड़े/पुष्प/मिठाई/दीपक/हल्दी माला। 'ॐ ह्लीं बगलामुख्यै नमः' 108। मंगलवार/शनिवार। शत्रु/मुकदमा/वाक्शक्ति। विशेष अनुष्ठान = गुरु।

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गणेश पूजा

गणेश यंत्र स्थापित करने की विधि और लाभ क्या हैं?

शुभ मुहूर्त: बुधवार/चतुर्थी। शुद्धि: गंगाजल+पंचामृत। पूर्व/उत्तर दिशा, लाल कपड़े पर। सिंदूर तिलक, दूर्वा, 108 जप। लाभ: विघ्न नाश, व्यापार उन्नति, ऋण मुक्ति, बुद्धि, वास्तु शांति। प्रतिदिन पूजा अनिवार्य।

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तंत्र सामग्री

तंत्र में कुमकुम से यंत्र बनाने की विधि क्या है

कुमकुम यंत्र: भोजपत्र/ताम्रपत्र पर, अनार कलम से, कुमकुम + गुलाबजल/गंगाजल लेप। शुभ तिथि (नवरात्रि/पूर्णिमा/शुक्रवार)। मंत्रोच्चार करते हुए। प्राण प्रतिष्ठा अनिवार्य। लाल = शक्ति, देवी यंत्रों में विशेष। गुरु परामर्श अनिवार्य — अशुद्ध = अशुभ।

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तंत्र सामग्री

तंत्र में ताबीज बनाने की विधि क्या है

ताबीज: भोजपत्र/ताम्रपत्र पर अष्टगंध/कुमकुम/कज्जल से यंत्र + मंत्र लिखें → 108/1008 जप से सिद्ध → चाँदी/ताँबे डिब्बी या लाल कपड़े में → गले/बाहु/कमर। गुरु/सिद्ध पुरुष से ही। बाज़ारी = निष्प्रभ। नियमित ऊर्जा नवीनीकरण। हनुमान = रक्षा, श्रीयंत्र = धन।

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तंत्र परिचय

तंत्र और मंत्र में क्या अंतर है?

मंत्र = पवित्र ध्वनि (तंत्र का एक अंग)। तंत्र = सम्पूर्ण साधना प्रणाली जिसमें मंत्र + यंत्र + क्रिया तीनों शामिल हैं। केवल 'ॐ नमः शिवाय' जपना = मंत्र साधना; शिव यंत्र + मंत्र + हवन + अभिषेक = तंत्र साधना।

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यंत्र

महामृत्युंजय यंत्र स्थापित करने की विधि क्या है?

सोमवार/शिवरात्रि/श्रावण। गंगाजल+पंचामृत शुद्धि। पूर्व/उत्तर दिशा। बिल्वपत्र, दूध। प्राण प्रतिष्ठा + महामृत्युंजय 108। नित्य जलाभिषेक+11/21 जप। लाभ: मृत्यु भय, रोग, ग्रह शांति, दीर्घायु।

#महामृत्युंजय#यंत्र#स्थापना
यंत्र साधना

तंत्र में भोजपत्र पर यंत्र बनाने की विधि क्या है?

भोजपत्र (शुद्ध) + अष्टगंध/केसर स्याही + अनार कलम। शुभ मुहूर्त। स्नान→पूजा→मंत्र जपते यंत्र बनाएं→बीजाक्षर→108 अभिमंत्रण। ताम्र में स्थापित। गुरु अनुशंसित।

#भोजपत्र#यंत्र#बनाना
यंत्र

नवग्रह यंत्र स्थापित करने की विधि क्या है?

रविवार/गुरुवार, गंगाजल+पंचामृत शुद्धि, पूर्व/उत्तर। नवग्रह स्तोत्र + 9 बीज 108-108। हवन (9 सामग्री)। नित्य: स्तोत्र+दीपक। सर्वग्रह शांति। ज्योतिषी से सही यंत्र चयन।

#नवग्रह#यंत्र#स्थापना
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