शिव स्नानशिव स्नान की विधि क्या है?अघोर मंत्र जपते हुए आठ द्रोण घी से देवेश शिव को स्नान कराकर बाद में शुद्ध जल से स्नान कराने का विधान है।#शिव स्नान#घी स्नान#अघोर मंत्र
पंचगव्य विधिपंचगव्य विधि क्या है?पंचगव्य विधि में कपिला गाय का मूत्र, गोबर, घी, दूध, दही और कुशजल लेकर अघोर मंत्र से अभिमंत्रित करने का विधान है।#पंचगव्य#कपिला गाय#अघोर मंत्र
दैनिक आचारबिना स्नान-पूजा भोजन करने का उपाय क्या है?बिना स्नान, गायत्री-जप, अग्निहोत्र या देव-अतिथि भोजन कराए बिना भोजन करने वाले द्विज के लिए एक हजार जप बताया गया है।#बिना स्नान भोजन#गायत्री जप#अग्निहोत्र
महापातक प्रायश्चितसुरापान का प्रायश्चित क्या है?सुरापान करने वाले के लिए एक लाख अघोर मंत्र जप और वारुणी पीने वाले के लिए पचास हजार जप बताया गया है।#सुरापान#मद्यपान#अघोर मंत्र
पाप प्रायश्चितगोहत्या और स्त्रीहत्या का उपाय क्या है?गोहत्या, कृतघ्नता और स्त्रीहत्या जैसे पापों के लिए दस हजार अघोर मंत्र जप से पापमुक्ति बताई गई है।#गोहत्या#स्त्रीहत्या#कृतघ्न
महापातक प्रायश्चितब्रह्महत्या का प्रायश्चित क्या है?ब्रह्महत्या के लिए एक लाख अघोर मंत्र जप से मुक्ति कही गई है; दूसरे स्थान पर ऐसे नराधम के लिए दस लाख मानस जप भी बताया गया है।#ब्रह्महत्या#प्रायश्चित#अघोर मंत्र
मंत्र और स्तोत्रमहोदरेश्वर गुप्त शिवलिंग की शास्त्रसम्मत पूजन-विधि और ध्यान मंत्र क्या हैं?पूजा एकांत और आडंबर-रहित होनी चाहिए। सात्त्विक (ध्यायेन्नित्यं महेशं...) और अघोर ध्यान मंत्र (अघोरेभ्यो नमो नित्यं...) के पश्चात पञ्चामृत स्नान, भस्म-लेपन और ॐ नमः शिवाय का मानसिक जाप करना चाहिए।#महोदरेश्वर पूजन विधि#शिव ध्यान मंत्र#अघोर मंत्र
शिव उपासनाअघोर शिव मंत्र क्या है?अघोर शिव का वैदिक मंत्र है — 'ॐ अघोरेभ्यो अथ घोरेभ्यो घोरघोरतरेभ्यः। सर्वेभ्यः सर्वशर्वेभ्यो नमस्ते अस्तु रुद्ररूपेभ्यः॥' (शुक्लयजुर्वेद)। तांत्रिक साधना-मंत्र है — 'ॐ ह्रौं अघोर शिवाय नमः'। 'अघोर' का अर्थ है — जो किसी के लिए भयंकर नहीं, बल्कि सबके लिए सुलभ और कल्याणकारी है।#अघोर मंत्र#शिव अघोर#अघोरेश्वर मंत्र