लोकनैमित्तिक प्रलय क्या है?नैमित्तिक प्रलय ब्रह्मा के एक दिन (कल्प) के अंत में होता है जब केवल त्रैलोक्य (भूर्लोक, भुवर्लोक, स्वर्लोक) भस्म होता है। महर्लोक इस प्रलय में भस्म नहीं होता पर निर्जन हो जाता है।#नैमित्तिक प्रलय#ब्रह्मा रात्रि#कल्प
लोकनैमित्तिक प्रलय में स्वर्लोक का क्या होता है?नैमित्तिक प्रलय में ब्रह्मा के एक दिन (कल्प) के अंत में संवर्तक अग्नि से स्वर्लोक भी भस्म हो जाता है। तब स्वर्लोक के निवासी महर्लोक या जनलोक चले जाते हैं।#नैमित्तिक प्रलय#स्वर्लोक#ब्रह्मा
लोकनैमित्तिक प्रलय क्या है और इसमें भुवर्लोक का क्या होता है?नैमित्तिक प्रलय ब्रह्मा के एक दिन (कल्प) के अंत में होती है। इसमें सात प्रलयंकारी सूर्यों की अग्नि से भुवर्लोक का वायुमंडल पूरी तरह भस्म हो जाता है।#नैमित्तिक प्रलय#भुवर्लोक#ब्रह्मा का दिन
असित कल्पअसित कल्प क्या है?असित कल्प पीतकल्प के बीत जाने के बाद प्रवृत्त ब्रह्मा का दूसरा कल्प बताया गया है।#असित कल्प#कल्प#ब्रह्मा
पीतवासा कल्पपीतवासा कल्प क्या है?पीतवासा कल्प इकतीसवाँ कल्प बताया गया है, जिसमें ब्रह्मा ने पीला वस्त्र धारण किया था।#पीतवासा कल्प#कल्प#ब्रह्मा
ब्रह्मा कालब्रह्मा का दिन क्या होता है?ब्रह्मा की प्राकृत सृष्टि का समय ही उनका दिन बताया गया है।#ब्रह्मा#ब्रह्मा का दिन#कल्प
लोकधाता यथा पूर्वमकल्पयत् का अर्थ क्या है?अर्थ है कि सृष्टि फिर पूर्ववत् रची जाती है।#धाता#सृष्टि#कल्प
लोकनैमित्तिक प्रलय क्या है?ब्रह्मा के एक दिन के अंत का प्रलय नैमित्तिक प्रलय है।#नैमित्तिक प्रलय#कल्प#ब्रह्मा