विस्तृत उत्तर
नैमित्तिक प्रलय ब्रह्मा के एक दिन या कल्प के अंत में होता है। इसमें त्रिलोकी जलमग्न होती है और सृष्टि अस्थायी विश्राम में जाती है।
नैमित्तिक प्रलय क्या है को संदर्भ सहित समझें
नैमित्तिक प्रलय क्या है का सबसे सीधा सार यह है: ब्रह्मा के एक दिन के अंत का प्रलय नैमित्तिक प्रलय है।
लोक जैसे विषयों में यह देखना जरूरी होता है कि बात किस परिस्थिति में लागू होती है, किन नियमों के साथ मान्य होती है और व्यवहार में इसका सही अर्थ क्या निकलता है.
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इसी विषय के 5 प्रश्न
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नैमित्तिक प्रलय में स्वर्लोक का क्या होता है?
नैमित्तिक प्रलय में ब्रह्मा के एक दिन (कल्प) के अंत में संवर्तक अग्नि से स्वर्लोक भी भस्म हो जाता है। तब स्वर्लोक के निवासी महर्लोक या जनलोक चले जाते हैं।
नैमित्तिक प्रलय क्या है?
नैमित्तिक प्रलय ब्रह्मा के एक दिन (कल्प) के अंत में होता है जब केवल त्रैलोक्य (भूर्लोक, भुवर्लोक, स्वर्लोक) भस्म होता है। महर्लोक इस प्रलय में भस्म नहीं होता पर निर्जन हो जाता है।
नैमित्तिक प्रलय क्या है और इसमें भुवर्लोक का क्या होता है?
नैमित्तिक प्रलय ब्रह्मा के एक दिन (कल्प) के अंत में होती है। इसमें सात प्रलयंकारी सूर्यों की अग्नि से भुवर्लोक का वायुमंडल पूरी तरह भस्म हो जाता है।
महर्लोक के निवासियों की 'स्थिति' (Sthiti) विशेषता का क्या अर्थ है?
स्थिति का अर्थ है — बिना किसी विचलन के सम्पूर्ण कल्प (4 अरब 32 करोड़ वर्ष) तक एक ही ध्यान-अवस्था में रहना। यह महर्लोक के ऋषियों की असाधारण आध्यात्मिक स्थिरता का प्रमाण है।
मन्वन्तर क्या होता है?
मन्वन्तर वह कालखंड है जिसमें एक मनु शासन करता है। एक कल्प में 14 मन्वन्तर होते हैं। प्रत्येक में एक मनु, इन्द्र और सप्तर्षि ब्रह्मांड का प्रशासन संभालते हैं।
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