लोकमहर्लोक के निवासियों की 'स्थिति' (Sthiti) विशेषता का क्या अर्थ है?स्थिति का अर्थ है — बिना किसी विचलन के सम्पूर्ण कल्प (4 अरब 32 करोड़ वर्ष) तक एक ही ध्यान-अवस्था में रहना। यह महर्लोक के ऋषियों की असाधारण आध्यात्मिक स्थिरता का प्रमाण है।#स्थिति#महर्लोक#ध्यान
लोकमन्वन्तर क्या होता है?मन्वन्तर वह कालखंड है जिसमें एक मनु शासन करता है। एक कल्प में 14 मन्वन्तर होते हैं। प्रत्येक में एक मनु, इन्द्र और सप्तर्षि ब्रह्मांड का प्रशासन संभालते हैं।#मन्वन्तर#मनु
लोकनैमित्तिक प्रलय क्या है?नैमित्तिक प्रलय ब्रह्मा के एक दिन (कल्प) के अंत में होता है जब केवल त्रैलोक्य (भूर्लोक, भुवर्लोक, स्वर्लोक) भस्म होता है। महर्लोक इस प्रलय में भस्म नहीं होता पर निर्जन हो जाता है।#नैमित्तिक प्रलय#ब्रह्मा रात्रि#कल्प
लोकमहर्लोक के निवासियों की आयु कितनी होती है?महर्लोक के निवासियों की आयु एक पूर्ण कल्प (ब्रह्मा का एक दिन = 4 अरब 32 करोड़ मानवीय वर्ष) होती है। इतने समय तक वे बिना किसी कष्ट के समाधि में रहते हैं।#महर्लोक#आयु#कल्प
लोकनैमित्तिक प्रलय में स्वर्लोक का क्या होता है?नैमित्तिक प्रलय में ब्रह्मा के एक दिन (कल्प) के अंत में संवर्तक अग्नि से स्वर्लोक भी भस्म हो जाता है। तब स्वर्लोक के निवासी महर्लोक या जनलोक चले जाते हैं।#नैमित्तिक प्रलय#स्वर्लोक#ब्रह्मा
लोकनैमित्तिक प्रलय क्या है और इसमें भुवर्लोक का क्या होता है?नैमित्तिक प्रलय ब्रह्मा के एक दिन (कल्प) के अंत में होती है। इसमें सात प्रलयंकारी सूर्यों की अग्नि से भुवर्लोक का वायुमंडल पूरी तरह भस्म हो जाता है।#नैमित्तिक प्रलय#भुवर्लोक#ब्रह्मा का दिन
असित कल्पअसित कल्प क्या है?असित कल्प पीतकल्प के बीत जाने के बाद प्रवृत्त ब्रह्मा का दूसरा कल्प बताया गया है।#असित कल्प#कल्प#ब्रह्मा
पीतवासा कल्पपीतवासा कल्प क्या है?पीतवासा कल्प इकतीसवाँ कल्प बताया गया है, जिसमें ब्रह्मा ने पीला वस्त्र धारण किया था।#पीतवासा कल्प#कल्प#ब्रह्मा
शिवरूपसद्योजात, वामदेव, तत्पुरुष, अघोर और ईशान कौन से शिवरूप हैं?श्वेतकल्प में सद्योजात, रक्तकल्प में वामदेव, पीतकल्प में तत्पुरुष, कृष्णकल्प में अघोर और विश्वरूपकल्प में ईशान रूप बताया गया है।#सद्योजात#वामदेव#तत्पुरुष
व्यासव्यासों के बारे में ऋषियों ने क्या पूछा?ऋषियों ने पूछा कि प्रत्येक द्वापर में, किन कल्पों और मन्वन्तरों में कौन-कौन व्यास हुए।#व्यास#ऋषि प्रश्न#द्वापर
ब्रह्मा कालब्रह्मा का एक वर्ष कितना होता है?हजार कल्पों का काल ब्रह्माजी का एक वर्ष बताया गया है।#ब्रह्मा#ब्रह्म वर्ष#कल्प
कल्प और मन्वन्तरएक कल्प में कितनी चतुर्युगी होती हैं?एक हजार चतुर्युगों का काल एक कल्प कहा गया है।#कल्प#चतुर्युगी#युग
कल्प और मन्वन्तरएक कल्प में कितने मनु होते हैं?एक हजार चतुर्युगी की अवधि में चौदह मनु उत्पन्न होते हैं।#कल्प#मनु#चतुर्युगी
ब्रह्मा कालब्रह्मा का दिन क्या होता है?ब्रह्मा की प्राकृत सृष्टि का समय ही उनका दिन बताया गया है।#ब्रह्मा#ब्रह्मा का दिन#कल्प
अवतार कथावाराहावतार किस कल्प की कथा में बताया गया है?वाराहावतार की कथा वाराहकल्प में विष्णु के अवतार के रूप में बताई गई है।#वाराहावतार#वाराहकल्प#विष्णु
लोकब्रह्मा की रात कितनी लंबी होती है?ब्रह्मा की रात ४.३२ अरब मानव वर्षों की मानी गई है।#ब्रह्मा#कल्प#समय
लोकधाता यथा पूर्वमकल्पयत् का अर्थ क्या है?अर्थ है कि सृष्टि फिर पूर्ववत् रची जाती है।#धाता#सृष्टि#कल्प
लोकनैमित्तिक प्रलय क्या है?ब्रह्मा के एक दिन के अंत का प्रलय नैमित्तिक प्रलय है।#नैमित्तिक प्रलय#कल्प#ब्रह्मा
लोकब्रह्मा का एक दिन कितना लंबा होता है?ब्रह्मा का एक दिन एक हजार चतुर्युगी, यानी 4 अरब 32 करोड़ वर्ष के बराबर बताया गया है।#ब्रह्मा#एक दिन#कल्प
लोकब्रह्मा जी का एक दिन कितने वर्षों का होता है?ब्रह्मा जी का एक दिन (कल्प) = 1000 चतुर्युगियाँ = 432 करोड़ मानवीय वर्ष। इतनी ही बड़ी उनकी रात्रि। पूरी आयु 100 दिव्य वर्ष = 15,480 अरब वर्ष।#ब्रह्मा#कल्प#432 करोड़