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विस्तृत उत्तर
८४-अंश सिद्धान्त के अनुसार शरीर में ५६ अंश पूर्वजों से आनुवंशिक परम्परा के रूप में प्राप्त होते हैं। इन ५६ अंशों का पीढ़ीवार विभाजन इस प्रकार है: पिता से २१ अंश, पितामह से १५ अंश, प्रपितामह से १० अंश, चतुर्थ पीढ़ी से ६ अंश, पञ्चम पीढ़ी से ३ अंश और षष्ठ पीढ़ी से १ अंश। इनका गणितीय योग २१ + १५ + १० + ६ + ३ + १ = ५६ अंश होता है। यही पैतृक अंश पितृ ऋण और श्राद्ध कर्म का आनुवंशिक आधार बताते हैं।
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