ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
📿
धर्म-संबंधी शंका हो? शास्त्रों में उत्तर है।
पौराणिक प्रश्नोत्तरी — वेद, पुराण और तंत्र-शास्त्रों से प्रमाणित उत्तर, सरल हिंदी में
सभी प्रश्न देखें →
कर्म सिद्धांत📜 भगवद्गीता, महाभारत (विदुर नीति), उपनिषद2 मिनट पठन

अच्छे कर्म करने के बावजूद दुख क्यों मिलता है?

संक्षिप्त उत्तर

पूर्व जन्मों के प्रारब्ध कर्म का फल वर्तमान में दुख के रूप में आता है। अच्छे कर्मों का फल विलंब से मिलता है। गीता कहती है 'गहना कर्मणो गतिः' — कर्म की गति अत्यंत गहन है। दुख आत्मिक विकास का माध्यम भी है।

📖

विस्तृत उत्तर

यह प्रश्न हिंदू दर्शन के सबसे गहन प्रश्नों में से एक है। शास्त्रों में इसके कई उत्तर दिए गए हैं:

1प्रारब्ध कर्म का फल

  • वर्तमान जीवन का दुख पूर्व जन्मों के कर्मों (प्रारब्ध) का फल हो सकता है। आज के अच्छे कर्म भविष्य में शुभ फल देंगे, पर पुराना प्रारब्ध भी भोगना होता है।
  • उदाहरण: बैंक में जमा ऋण (पुराना कर्ज) चुकाना पड़ता है, भले ही आज कमाई अच्छी हो।

2कर्म-फल में विलंब

  • कर्मफल तुरंत नहीं मिलता — यह बीज की तरह है, बोने और फल आने में समय लगता है। शुभ कर्मों का फल आने में विलंब हो सकता है।

3परीक्षा और तपस्या

  • शास्त्रों के अनुसार ईश्वर कभी-कभी अपने भक्तों की परीक्षा लेते हैं। दुख तपस्या का रूप है जो आत्मा को शुद्ध और मजबूत बनाता है।
  • महाभारत में पांडवों ने धर्म का पालन किया पर अत्यंत कष्ट भोगे।

4कर्म की सूक्ष्मता

  • भगवद्गीता (4.17): *'गहना कर्मणो गतिः'* — कर्म की गति अत्यंत गहन (समझने में कठिन) है। कभी-कभी हम जो 'अच्छा कर्म' समझते हैं, वह वास्तव में राजसिक या सकाम कर्म हो सकता है।

5दुख का उद्देश्य

  • दुख आत्मिक विकास, वैराग्य और ईश्वर की ओर मोड़ने का माध्यम है।
  • बिना दुख के मनुष्य आध्यात्मिक मार्ग पर नहीं आता।

भगवद्गीता का मार्गदर्शन

*'सुखदुःखे समे कृत्वा लाभालाभौ जयाजयौ'* (गीता 2.38) — सुख-दुख, लाभ-हानि को समान मानकर कर्म करो।

📜
शास्त्रीय स्रोत
भगवद्गीता, महाभारत (विदुर नीति), उपनिषद
क्या यह उत्तर उपयोगी था? इसे अपने प्रियजनों के साथ साझा करें

🏷 सम्बंधित विषय

कर्मफलदुखप्रारब्धधर्म संशय

इसी विषय के अन्य प्रश्न

📚

विस्तार से पढ़ें

इस विषय पर हमारे विस्तृत लेख और मार्गदर्शिकाएँ

अच्छे कर्म करने के बावजूद दुख क्यों मिलता है — शास्त्रों के अनुसार

पौराणिक पर आपको कर्म सिद्धांत से जुड़े प्रमाणिक प्रश्न-उत्तर मिलेंगे। यह उत्तर भगवद्गीता, महाभारत (विदुर नीति), उपनिषद पर आधारित है। अन्य प्रश्नों के लिए प्रश्नोत्तरी पृष्ठ देखें।