विस्तृत उत्तर
अमरावती का वातावरण पृथ्वी के किसी भी स्थान से सर्वथा भिन्न और अत्यंत दिव्य है। यहाँ तापमान सदैव वसंत ऋतु के समान अत्यंत सुखद और ऊर्जावान रहता है। अमरावती में बहने वाली वायु सदैव शीतल और सुगंधित रहती है क्योंकि यह गुलाब, चमेली, मैगनोलिया, फ्रीसिया और अन्य दिव्य पुष्पों के रस का स्पर्श करते हुए बहती है। महलों की स्वर्ण-दीवारों और मार्गों पर सुगंधित बादाम का सत्त और अन्य दैवीय इत्र छिड़के जाते हैं। यहाँ सर्वत्र धीमी और अत्यंत मधुर संगीतमय ध्वनियां गूंजती रहती हैं जिन्हें गंधर्व, किन्नर और अप्सराएं अपनी वीणा और गायन से उत्पन्न करते हैं। अंधकार का कोई अस्तित्व नहीं है और प्रकाश देवताओं के दिव्य शरीरों और स्वर्ण महलों की आभा से स्वतः उत्पन्न होता है।
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