विस्तृत उत्तर
अशुभ शकुन दिखने पर यात्रा रद्द करने या जारी रखने — इस पर विभिन्न मत हैं।
अशुभ यात्रा शकुन (लोक मान्यता)
- ▸काली बिल्ली रास्ता काटे
- ▸खाली बर्तन लिए कोई दिखे
- ▸छींक आए (यात्रा शुरू करते समय)
- ▸शव/शवयात्रा दिखे (कुछ में शुभ भी)
- ▸बायां पैर/आंख फड़के (पुरुष)
- ▸कोई पुकारे 'कहां जा रहे?'
शकुन शास्त्र का मत
- 1रुकें — यदि गंभीर अशुभ शकुन दिखे तो कुछ देर (5-10 मिनट) रुकें, जल पीएं, ईश्वर स्मरण करें, फिर पुनः प्रस्थान करें।
- 2कुछ मिनट प्रतीक्षा — लोक मान्यता: काली बिल्ली रास्ता काटे तो रुककर किसी अन्य को पहले जाने दें, फिर निकलें।
व्यावहारिक/आधुनिक दृष्टि
- 1शकुन = संकेत, आदेश नहीं — शकुन 'सावधान रहो' कहता है, 'मत जाओ' नहीं।
- 2सावधानी बढ़ाएं — यात्रा में विशेष सतर्कता बरतें।
- 3ईश्वर स्मरण — प्रस्थान से पूर्व गणपति/हनुमान स्मरण; यह सबसे बड़ा शकुन।
- 4महत्वपूर्ण यात्रा — यदि कार्यालय, अस्पताल, परीक्षा जैसी अनिवार्य यात्रा है तो शकुन के कारण रद्द करना व्यावहारिक नहीं।
स्पष्टीकरण: शकुन शास्त्र मार्गदर्शक है, जीवन नियंत्रक नहीं। अत्यधिक शकुन भय = अंधविश्वास। ईश्वर में विश्वास सबसे बड़ा शकुन — 'जाकी रही भावना जैसी, प्रभु मूरत देखी तिन तैसी' (रामचरितमानस)।





