विस्तृत उत्तर
बार-बार बुरे सपने आना कई कारणों से हो सकता है — शास्त्रीय, मनोवैज्ञानिक और शारीरिक।
कारण
शास्त्रीय/आध्यात्मिक
- ▸ग्रह दोष (विशेषतः राहु-केतु, शनि)
- ▸वास्तु दोष (सोने की गलत दिशा)
- ▸पितृ दोष (पितरों की अतृप्ति)
- ▸नकारात्मक ऊर्जा
मनोवैज्ञानिक
- ▸तनाव, चिंता, अवसाद
- ▸भय, आघात (Trauma)
- ▸अतिरिक्त सोशल मीडिया/स्क्रीन टाइम
शारीरिक (आयुर्वेद)
- ▸अत्यधिक/देर रात भोजन
- ▸वात दोष का असंतुलन
- ▸नींद की कमी या अनियमितता
उपाय
धार्मिक/आध्यात्मिक
- 1सोने से पहले हनुमान चालीसा या महामृत्युंजय मंत्र पढ़ें।
- 2तकिए के नीचे हनुमान जी की छोटी मूर्ति/तस्वीर रखें।
- 3सोने से पहले 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' 11 बार जपें।
- 4बेडरूम में गुग्गुल धूप जलाएँ।
- 5गंगाजल का बेडरूम में छिड़काव।
वास्तु उपाय
- ▸सिर दक्षिण या पूर्व दिशा में करके सोएँ (उत्तर में कभी नहीं)।
- ▸बेडरूम में दर्पण ढक दें।
- ▸बेड के नीचे कबाड़ न रखें।
व्यावहारिक
- ▸सोने से 2 घंटे पहले मोबाइल/स्क्रीन बंद करें।
- ▸रात का भोजन हल्का और समय पर करें।
- ▸सोने से पहले 10 मिनट ध्यान/प्राणायाम करें।
महत्वपूर्ण: यदि बुरे सपने बहुत गंभीर और बार-बार आ रहे हों तो मनोचिकित्सक से परामर्श अवश्य लें — यह PTSD, Anxiety Disorder या अन्य मानसिक स्वास्थ्य समस्या का लक्षण हो सकता है।





