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ध्रुवलोक क्या है?

संक्षिप्त उत्तर

ध्रुवलोक ज्योतिश्चक्र की नाभि और ऊर्ध्व लोकों का प्रमुख आधार बिंदु माना गया है।

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विस्तृत उत्तर

ध्रुवलोक को समस्त ज्योतिश्चक्र की नाभि के रूप में बताया गया है। शास्त्रीय गणना के अनुसार शनि मण्डल से एक लाख योजन की दूरी पर सप्तर्षिमण्डल है और सप्तर्षियों से एक लाख योजन ऊपर ध्रुवमण्डल, यानी ध्रुवलोक, स्थित है। ध्रुवलोक को ऊर्ध्व लोकों का एक प्रमुख आधार बिंदु माना जाता है। यह सूर्य से कुल अड़तीस लाख योजन ऊपर स्थित बताया गया है। ध्रुवलोक से आगे की यात्रा पूर्णतः सिद्ध और दिव्य लोकों की यात्रा मानी गई है।

उत्तर को थोड़ा और स्पष्ट करें

ध्रुवलोक क्या है को संदर्भ सहित समझें

ध्रुवलोक क्या है का सबसे सीधा सार यह है: ध्रुवलोक ज्योतिश्चक्र की नाभि और ऊर्ध्व लोकों का प्रमुख आधार बिंदु माना गया है।

लोक जैसे विषयों में यह देखना जरूरी होता है कि बात किस परिस्थिति में लागू होती है, किन नियमों के साथ मान्य होती है और व्यवहार में इसका सही अर्थ क्या निकलता है.

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