विस्तृत उत्तर
जम्बूद्वीप इन सप्तद्वीपों के बिल्कुल केंद्र में स्थित है। इसका विस्तार एक लाख योजन (लगभग 800,000 मील) है। यह द्वीप अपने चारों ओर से लवण सागर (खारे पानी के समुद्र) से घिरा हुआ है। जम्बू द्वीप की भौगोलिक संरचना अत्यंत अद्भुत और विलक्षण है। मार्कण्डेय पुराण के अनुसार यह महाद्वीप उत्तर और दक्षिण दिशा की ओर से कुछ दबा हुआ है तथा मध्य भाग में यह अत्यंत विस्तृत और उभरा हुआ है जिससे इसकी समग्र आकृति एक खिले हुए कमल के चार पत्तों जैसी प्रतीत होती है। इस द्वीप के बिल्कुल केंद्र में 'इलावृत वर्ष' स्थित है जिसके ठीक मध्य में सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड का स्वर्णिम अक्ष सुमेरु पर्वत विराजमान है। जम्बूद्वीप को नौ भौगोलिक खण्डों (वर्षों) में विभाजित किया गया है जिनमें भारतवर्ष, इलावृत, किम्पुरुष आदि प्रमुख हैं।
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