📖
विस्तृत उत्तर
जनलोक को रहस्यमयी लोक इसलिए माना गया है क्योंकि यह कोई साधारण भौतिक ग्रह नहीं है। यह महर्लोक से दो करोड़ योजन ऊपर और तपोलोक के निकट स्थित अत्यंत सूक्ष्म, ईथरीय और पारलौकिक आयाम है। यहाँ केवल विशुद्ध सात्त्विक कर्म, अहैतुकी भक्ति, नैष्ठिक तपस्या, योगबल और तपोबल के सूक्ष्म प्रभाव से आत्मा का गमन संभव है। यह लोक प्रलय की अग्नि से अछूता रहता है और प्रलय के समय महर्लोक के निवासियों के लिए सुरक्षित आश्रय बनता है।
🔗
आगे क्या पढ़ें
प्रश्न से जुड़े हब और आज के उपयोगी पंचांग लिंक
इसे अपने प्रियजनों के साथ साझा करें
क्या यह उत्तर सहायक था?





