जप नियमजप माला में सुमेरु का क्या महत्व है और इसे क्यों नहीं पार करतेसुमेरु परमात्मा और गुरु का प्रतीक है। इसे न लांघना आध्यात्मिक अनुशासन और भक्ति की मर्यादा का हिस्सा है।#सुमेरु#माला#गुरु
जप नियमबिना माला के मंत्र जप की संख्या कैसे गिन सकते हैंबिना माला के उंगलियों के पोरों पर की जाने वाली गणना (कर माला) सबसे प्रामाणिक और शास्त्रोक्त विधि है।#कर माला#गणना#नियम
जप नियमचलते-फिरते मंत्र जप करने के क्या नियम हैंचलते-फिरते केवल मानसिक जप करना चाहिए। यह निरंतर परमात्मा से जुड़े रहने का एक प्रभावी तरीका है।#नियम#अजपा जप#मानसिक जप
जप नियमबिस्तर पर बैठकर मंत्र जप करने के क्या नुकसान और नियम हैंविशेष सिद्धि के लिए बिस्तर पर जप वर्जित है, लेकिन सामान्य 'नाम जप' किसी भी स्थान या अवस्था में किया जा सकता है।#नियम#शुद्धि#जप
जप नियममंत्र जप करते समय कौन सा नियम मानना चाहिए?जप नियम: स्नान, स्वच्छ वस्त्र, पूर्व-उत्तर मुख, सात्विक भोजन। वर्जित: बात करना, सोना, तर्जनी से माला, सुमेरु लाँघना। जप के बाद कुछ क्षण मौन। कुलार्णव: जप और मंत्र गोपनीय रखें — शक्ति बचती है।#नियम#ब्रह्मचर्य#एकभुक्त