मंदिर ज्ञानमंदिर में चढ़ाए गए नारियल को कैसे और कब खाएं?तुरंत ग्रहण (देर नहीं)। 'ॐ' बोलकर। बांटें। उसी दिन। बासी = नहीं। नारियल जल = चरणामृत। श्रीफल = अहंकार समर्पण (कठोर तोड़ो → मिठास)।#नारियल#चढ़ाया#खाना
मंदिर ज्ञानमंदिर में शालिग्राम की पूजा कैसे करें?विष्णु स्वरूप (गंडकी नदी)। तुलसी अनिवार्य। पंचामृत स्नान → चंदन → तुलसी पत्र → 'ॐ नमो नारायणाय' 108। प्राण प्रतिष्ठा अनावश्यक। प्रतिदिन — अपूजित न छोड़ें।#शालिग्राम#पूजा#कैसे
मंदिर ज्ञानतमिलनाडु के मंदिरों में संगीत स्तंभ कैसे काम करते हैं?एकाश्म (1 पत्थर) → पतले उप-स्तंभ → ठोकने = सा/रे/गा/मा/पा/धा/नी (सप्त स्वर)। भिन्न घनत्व = भिन्न ध्वनि। हम्पी विट्ठल, मीनाक्षी मदुरै। आधुनिक विज्ञान = पूर्ण समझ नहीं।#संगीत स्तंभ#तमिलनाडु#कैसे
मंदिर ज्ञानमंदिर में चरणामृत पीने की सही विधि क्या है?दाहिने हाथ (कुप्पी मुद्रा), तुरंत पिएं, शेष शिर पर। बायां वर्जित। तुलसी+जल+चंदन+कपूर। शिर/बालों में फेरें। पंचामृत: दूध+दही+घी+शहद+शक्कर। तुलसी = antibacterial।#चरणामृत#पीने#विधि
मंदिर ज्ञानमंदिर में प्रसाद कैसे ग्रहण करें — दाएं हाथ से या दोनों से?दोनों हाथ (अंजलि — दाहिना ऊपर, बायां नीचे)। शिर झुकाकर। भूमि पर नहीं। पूर्ण खाएं (जूठा नहीं)। बांटें। केवल बायां = वर्जित।#प्रसाद#ग्रहण#दाएं
मंदिर ज्ञानमंदिर में भगवान का श्रृंगार कैसे किया जाता है?षोडशोपचार: स्नान (पंचामृत) → वस्त्र → आभूषण (मुकुट/हार) → चंदन/कुमकुम → पुष्प माला → काजल। ऋतु अनुसार। दक्षिण: विस्तृत (तिरुमला 12+)। भाव: सेवा/भक्ति।#श्रृंगार#भगवान#कैसे