मंदिर ज्ञानमंदिर में परिक्रमा कितनी बार करनी चाहिए? देवी=1, विष्णु=4, गणेश/हनुमान=3, शिव=आधी (सोमसूत्र)। पीपल=11/21। विषम शुभ। शिव: जलप्रणालिका न लांघें → आधी।#परिक्रमा#कितनी#संख्या
मंदिर ज्ञानमंदिर में बच्चों को ले जाने के नियम क्या हैं?ले जाएं (संस्कार)। शोर = बाहर। भीड़ = कम समय। Diaper = बाहर। प्रसाद = सावधानी। प्रणाम सिखाएं। सूतक (10 दिन) = कुछ में नहीं। 'मंदिर = सबसे बड़ा संस्कार।'#बच्चे#नियम#मंदिर
मंदिर ज्ञानमंदिर में चढ़ाई गई सामग्री को दोबारा चढ़ा सकते हैं या नहीं?वर्जित। एक बार अर्पित = निर्माल्य → दोबारा = 'दिया वापस'=अशुभ। प्रसाद = ग्रहण, न चढ़ाएं। मंदिर A→B = वर्जित। 'ताजा+नया+शुद्ध = भगवान को।'#सामग्री#दोबारा#चढ़ाना
मंदिर ज्ञानमंदिर में ध्वजा बदलने का क्या नियम है?मासिक/उत्सव/फटने पर। जगन्नाथ = प्रतिदिन! पुरोहित: मंत्र→पुरानी उतारें→नदी→नई अभिमंत्रित→स्थापित→आरती। शिव=त्रिशूल, विष्णु=गरुड़, देवी=लाल/सिंह। ध्वजा दान = शुभ।#ध्वजा#बदलना#नियम
मंदिर ज्ञानमंदिर में गैर हिंदू व्यक्ति प्रवेश कर सकता है या नहीं?अधिकांश: स्वागत। कुछ: केवल हिंदू (पुरी/गुरुवायूर)। शास्त्र: 'वसुधैव कुटुंबकम्'। संविधान: धार्मिक स्वतंत्रता। सम्मान से = स्वागत। जूते/शालीन/सम्मान।#गैर हिंदू#प्रवेश#मंदिर
मंदिर ज्ञानमंदिर में पुजारी बनने की योग्यता क्या होनी चाहिए?वेद/आगम ज्ञान, संस्कृत, मंत्र, दीक्षा, सात्विक। आधुनिक: अर्चक पाठशाला, प्रमाणपत्र। केरल=सरकारी प्रशिक्षण। आदर्श: वेद+आगम+शुद्ध आचरण+दीक्षा।#पुजारी#योग्यता#बनना
मंदिर ज्ञानमंदिर में चरणामृत पीने की सही विधि क्या है?दाहिने हाथ (कुप्पी मुद्रा), तुरंत पिएं, शेष शिर पर। बायां वर्जित। तुलसी+जल+चंदन+कपूर। शिर/बालों में फेरें। पंचामृत: दूध+दही+घी+शहद+शक्कर। तुलसी = antibacterial।#चरणामृत#पीने#विधि
मंदिर ज्ञानमंदिर में प्रसाद कैसे ग्रहण करें — दाएं हाथ से या दोनों से?दोनों हाथ (अंजलि — दाहिना ऊपर, बायां नीचे)। शिर झुकाकर। भूमि पर नहीं। पूर्ण खाएं (जूठा नहीं)। बांटें। केवल बायां = वर्जित।#प्रसाद#ग्रहण#दाएं
मंदिर ज्ञानमंदिर में शंख बजाने का क्या नियम है और कब बजाएं?आरती/अभिषेक/भोग/प्रातः-संध्या। विष्णु/लक्ष्मी=अनिवार्य। शिव=वर्जित (कुछ)। दक्षिणावर्ती=दुर्लभ+शुभ। ध्वनि='ॐ', नकारात्मकता नाश, antibacterial।#शंख#बजाना#नियम
मंदिर ज्ञानमंदिर से बाहर निकलते समय घंटी बजानी चाहिए या नहीं?वर्जित। श्लोक: 'गमनार्थं तु राक्षसाम्' — बाहर जाते घंटी = राक्षस गमन। प्रवेश = आवाहन। बाहर = मौन विदाई। 2-3 बार पर्याप्त।#बाहर#निकलते#घंटी
मंदिर ज्ञानमंदिर में गर्भवती महिला के लिए क्या नियम हैं?शुभ (सकारात्मक+गर्भ संस्कार)। सावधानी: भीड़ बचें, सीढ़ी कम, बैठने व्यवस्था। सूतक (अंतिम महीना) = कुछ। अभिमन्यु: 'गर्भ = जो माता देखे/सुने'। शारीरिक सावधानी > धार्मिक।#गर्भवती#महिला#नियम