📖
विस्तृत उत्तर
महाप्रलय में सब कुछ साधारण पानी में डूबता नहीं, बल्कि अपने स्थूल रूप को छोड़कर कारण अवस्था में लौटता है। पृथ्वी, लोक, जीव और तत्व अपने दिखने वाले रूप से मुक्त होकर अव्यक्त हो जाते हैं। इस अवस्था को कथा में कारण-जल या एकसूत्रीय जल में लीन होना कहा गया है। इसका अर्थ है कि सृष्टि मिटती नहीं, बल्कि अपने मूल बीज रूप में विश्राम करती है।
🔗
आगे क्या पढ़ें
प्रश्न से जुड़े हब और आज के उपयोगी लिंक
इसे अपने प्रियजनों के साथ साझा करें
क्या यह उत्तर सहायक था?

