विस्तृत उत्तर
महाप्रलय में आत्माएँ कारण जल और भगवान विष्णु की योगनिद्रा में सूक्ष्म विश्राम अवस्था में रहती हैं।
महाप्रलय में आत्माएँ कहाँ विश्राम करती हैं को संदर्भ सहित समझें
महाप्रलय में आत्माएँ कहाँ विश्राम करती हैं का सबसे सीधा सार यह है: कारण जल और विष्णु की योगनिद्रा में।
लोक जैसे विषयों में यह देखना जरूरी होता है कि बात किस परिस्थिति में लागू होती है, किन नियमों के साथ मान्य होती है और व्यवहार में इसका सही अर्थ क्या निकलता है.
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इसी विषय के 5 प्रश्न
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महाप्रलय में आत्माएँ कहाँ जाती हैं?
महाप्रलय में आत्माएँ परम चेतना में सूक्ष्म रूप से विश्राम करती हैं।
भुवर्लोक में रहने वाली आत्माओं की त्रिगुणात्मक स्थिति क्या होती है?
ऊपरी भुवर्लोक के सिद्धादि रजो-सात्त्विक हैं जबकि निचले भुवर्लोक के प्रेतादि तमोगुण प्रधान हैं। दोनों ही पूर्णतः सत्वगुणी न होने से मोक्ष नहीं पाते।
अकाल मृत्यु के बाद आत्मा कहाँ जाती है?
अकाल मृत्यु (आत्महत्या, दुर्घटना) के बाद आत्मा प्रेत योनि को प्राप्त होकर भुवर्लोक के निचले वायुमंडल में फंस जाती है और तीव्र वायु के बीच बिना आश्रय के भटकती है।
हंस गीता में आत्मा का स्वरूप
हंस गीता में आत्मा को मन, शरीर और अवस्थाओं से अलग साक्षी चेतना कहा गया है।
हंस गीता में तुरीय अवस्था
तुरीय अवस्था जाग्रत, स्वप्न और सुषुप्ति से परे आत्मा की साक्षी चेतना है।
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