लोकएकार्णव क्या है?एकार्णव नैमित्तिक प्रलय में त्रैलोक्य के भस्म होने के बाद होने वाली विनाशकारी वर्षा से बना वह विशाल महासागर है जो समस्त त्रैलोक्य को डुबो देता है।#एकार्णव#महाप्रलय#समुद्र
लोकप्राकृतिक प्रलय में महर्लोक का क्या होता है?प्राकृतिक प्रलय (महाप्रलय) में ब्रह्मा की आयु पूर्ण होने पर सभी 14 लोकों सहित महर्लोक भी पूर्णतः नष्ट हो जाता है। तब ऋषि ब्रह्मा के साथ वैकुंठ में प्रवेश करते हैं।#प्राकृतिक प्रलय#महाप्रलय
लोकभगवान विष्णु योगनिद्रा में क्यों थे?विष्णु महाप्रलय के बाद नई सृष्टि से पहले ब्रह्मांडीय योगनिद्रा में थे।#विष्णु योगनिद्रा#महाप्रलय#क्षीरसागर
लोकमहाप्रलय और सृष्टि का चक्र कैसे चलता है?विष्णु की श्वास बाहर आने से सृष्टि और भीतर जाने से प्रलय का चक्र चलता है।#महाप्रलय#सृष्टि चक्र#विष्णु श्वास
लोकअव्यक्त अवस्था क्या होती है?अव्यक्त अवस्था में सृष्टि बीज रूप में रहती है, स्थूल रूप में नहीं।#अव्यक्त#सृष्टि#महाप्रलय
लोकमहाप्रलय में आत्माएँ कहाँ जाती हैं?महाप्रलय में आत्माएँ परम चेतना में सूक्ष्म रूप से विश्राम करती हैं।#महाप्रलय#आत्मा#योगनिद्रा
लोकएकसूत्रीय जल में जीव कैसे रहते हैं?जीव वहाँ शरीर से नहीं, सूक्ष्म कर्म-बीज रूप में रहते हैं।#एकसूत्रीय जल#जीव#महाप्रलय
लोकमहाप्रलय में सब कुछ जल में कैसे लीन होता है?महाप्रलय में स्थूल जगत कारण-जल की अव्यक्त अवस्था में लौट जाता है।#महाप्रलय#कारण जल#लय
लोककारण जल क्या है?कारण जल वह सूक्ष्म आधार है जिसमें सृष्टि बीज रूप में रहती है।#कारण जल#महाप्रलय#सृष्टि
लोकमहाप्रलय में समय रुक जाता है क्या?हाँ, कथा के अनुसार महाप्रलय में कालचक्र निष्क्रिय हो जाता है।#महाप्रलय#समय#कालचक्र
लोकसृष्टि से पहले समय क्यों नहीं था?क्योंकि सृष्टि से पहले गति और परिवर्तन नहीं थे, इसलिए समय भी सक्रिय नहीं था।#सृष्टि#समय#महाप्रलय
लोकसृष्टि शुरू होने से पहले क्या था?सृष्टि से पहले अव्यक्त शून्य, कारण-जल और विष्णु की योगनिद्रा अवस्था थी।#सृष्टि#महाप्रलय#अव्यक्त
लोकमहाप्रलय के बाद भगवान विष्णु कहाँ रहते हैं?वे क्षीरसागर में अनंत शेष पर योगनिद्रा में स्थित रहते हैं।#महाप्रलय#भगवान विष्णु#शेषनाग
लोकमहाप्रलय के बाद क्या बचता है?महाप्रलय के बाद कारण-जल, शेषनाग और विष्णु की योगनिद्रा अवस्था शेष रहती है।#महाप्रलय#क्षीरसागर#अव्यक्त
लोकमहाविष्णु श्वास भीतर लेते हैं तो क्या होता है?उनकी श्वास भीतर जाते ही ब्रह्मांड उनमें विलीन होते हैं।#महाविष्णु#श्वास#महाप्रलय
लोकवैकुण्ठ का निषिद्ध रहस्य क्या सिखाता है?यह बताता है कि अंत में केवल परम सत्य शेष रहता है।#वैकुण्ठ रहस्य#महाप्रलय#परम सत्य
लोकअज्ञानियों को महाप्रलय डरावना क्यों लगता है?क्योंकि वे भौतिक जगत को ही अंतिम सत्य मानते हैं।#महाप्रलय#अज्ञान#भय
लोकप्रलय की वर्षा कितने साल होती है?प्रलय की वर्षा सौ वर्षों तक होती है।#प्रलय वर्षा#पुष्करावर्तक#महाप्रलय
लोकपुष्करावर्तक मेघ कब आते हैं?संवर्तक अग्नि के बाद ये मेघ आते हैं।#पुष्करावर्तक#संवर्तक अग्नि#महाप्रलय
लोकसंवर्तक अग्नि क्या है?संवर्तक अग्नि महाप्रलय की प्रलयकारी ब्रह्मांडीय अग्नि है।#संवर्तक अग्नि#महाप्रलय#अग्नि
लोकब्रह्मा के सौ वर्ष का अर्थ क्या है?यह ब्रह्मांडीय आयु का विशाल काल है जिसके बाद महाप्रलय आता है।#ब्रह्मा#काल#महाप्रलय
लोकमहाप्रलय क्या है?महाप्रलय संपूर्ण सृष्टि का मूल प्रकृति में महाविलय है।#महाप्रलय#प्राकृतिक प्रलय#विष्णु
लोकप्राकृतिक प्रलय क्या है?प्राकृतिक प्रलय संपूर्ण ब्रह्मांड का मूल प्रकृति में विलय है।#प्राकृतिक प्रलय#महाप्रलय#प्रकृति
लोकअव्यक्त अस्त्र का उद्देश्य क्या है?इसका उद्देश्य महाप्रलय में संपूर्ण सृष्टि-विलय है।#अव्यक्त अस्त्र#महाप्रलय#विलय
लोकविष्णु ने अव्यक्त अस्त्र क्यों बनाया?महाप्रलय में सृष्टि-विलय के लिए यह अस्त्र बनाया गया।#विष्णु#अव्यक्त अस्त्र#महाप्रलय
लोकनिषिद्ध कक्ष में क्या छिपा है?उसमें विष्णु का महाप्रलयकारी अव्यक्त अस्त्र छिपा है।#निषिद्ध कक्ष#अव्यक्त अस्त्र#महाप्रलय
लोकएकसूत्रीय जल में सब कैसे विलीन होता है?सब भेद छोड़कर चेतना-जल में मिलते हैं।#एकसूत्रीय जल#विलय#महाप्रलय
लोकमहाप्रलय में कुछ नष्ट होता है क्या?स्थूल रूप मिटते हैं, सूक्ष्म बीज रहते हैं।#महाप्रलय#विलय#कारण जल
लोकइस रहस्य से मृत्यु का भय कैसे मिटता है?क्योंकि सब विलीन होकर सुरक्षित रहता है।#मृत्यु भय#महाप्रलय#मोक्ष
लोकमहाप्रलय में आत्माएँ कहाँ विश्राम करती हैं?कारण जल और विष्णु की योगनिद्रा में।#आत्मा#महाप्रलय#कारण जल
लोकमहाप्रलय में देवता कहाँ जाते हैं?वे सूक्ष्म रूप में परमात्मा में लीन हो जाते हैं।#महाप्रलय#देवता#प्रलय
लोकमहाप्रलय में ब्रह्मा जी सत्यलोक से कहाँ जाते हैं?महाप्रलय में ब्रह्मा जी और सत्यलोक के सभी निवासी चिन्मय शरीर धारण करके शाश्वत वैकुंठ (2,62,00,000 योजन ऊपर) में प्रवेश करते हैं।#महाप्रलय#ब्रह्मा#सत्यलोक