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विस्तृत उत्तर
अव्यक्त अवस्था वह है जिसमें कोई वस्तु स्थूल रूप में दिखाई नहीं देती, लेकिन उसका बीज-स्वरूप समाप्त नहीं होता। महाप्रलय के बाद सृष्टि इसी अव्यक्त अवस्था में रहती है। जीव, तत्व और कर्म सब कारण रूप में शांत होते हैं। जब सृजन-संकल्प जागता है, तब वही अव्यक्त तत्व नाम, रूप और गति प्राप्त कर सृष्टि बन जाते हैं।
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