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विस्तृत उत्तर
इस कथा में महाप्रलय को ऐसी अवस्था बताया गया है जहाँ समय निष्क्रिय हो जाता है। समय का आधार गति, परिवर्तन और घटनाएँ हैं, लेकिन महाप्रलय में सब कुछ अव्यक्त और स्थिर रहता है। इसलिए कालचक्र मानो रुक जाता है। जब भगवान विष्णु पुनः सृजन-संकल्प करते हैं और प्रथम श्वास छोड़ते हैं, तभी समय फिर चलने लगता है।
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