विस्तृत उत्तर
इस पूजा का शास्त्रीय आधार आगम और पुराणों में गहराई से निहित है, जिसे देवताओं को सरल और भावपूर्ण समर्पण द्वारा प्रसन्न करने के लिए बनाया गया है।
प्रसिद्ध श्लोक 'गन्धं पुष्पं तथा धूपं दीपं नैवेद्यमेव च' इसी प्रक्रिया का सार प्रस्तुत करता है।





