विस्तृत उत्तर
पूजा में दीपक बुझने के संकेत के बारे में धर्म सिंधु और लोक परंपरा में मत मिलते हैं:
लोक परंपरा का मत
पूजा के दौरान दीपक का बुझना 'अपशकुन' माना जाता है — कोई बाधा या नकारात्मक ऊर्जा का संकेत।
व्यावहारिक कारण
हालाँकि वास्तव में दीपक बुझने के सामान्य कारण हो सकते हैं:
- 1हवा का झोंका
- 2तेल/घी समाप्त
- 3बाती ठीक न होना
- 4बर्तन का टेढ़ा होना
धर्म सिंधु का मत
यदि पूजा में दीपक बुझ जाए:
- 1घबराएं नहीं
- 2पुनः दीप प्रज्वलित करें
- 3'ॐ नमः शिवाय' या अपने इष्ट मंत्र का 11 बार जप करें
- 4पूजा जारी रखें
शास्त्र का स्पष्ट मत
हिंदू शास्त्र में 'शकुन-अपशकुन' पर अधिक निर्भरता ठीक नहीं। भगवद् गीता (3.33) — कर्म करो, फल की चिंता मत करो। पूजा में भी — विघ्न आए तो पूजा जारी रखें, भगवान पर भरोसा रखें।
सरल उपाय
- ▸दीपक बुझे तो दोबारा जलाएं, ईश्वर से क्षमा माँगें
- ▸मन में व्यर्थ भय न रखें





