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विस्तृत उत्तर
बृहत् पाराशर होरा शास्त्र' के अनुसार, यदि कोई ग्रह जन्म कुण्डली (D-1) में बली हो, परंतु नवमांश (D-9) या दशमांश (D-10) में नीच या शत्रु राशि में चला जाए, तो राजयोग की शक्ति भंग हो जाती है। पूर्ण फल की प्राप्ति के लिए इन ग्रहों का वर्ग कुण्डलियों में भी वर्गोत्तम, उच्च या स्वराशि में होना अनिवार्य है।
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