विस्तृत उत्तर
युति (Conjunction) के माध्यम से बनने वाले योग में ग्रहों के मध्य की 'अंशात्मक दूरी' (Degrees) सबसे निर्णायक कारक है। यदि दोनों ग्रहों के मध्य 12 अंश से अधिक का अंतर हो, तो उनका प्रभाव क्षीण (दुर्बल) हो जाता है। यदि यह युति अत्यंत निकटतम अंशों (जैसे 4 से 7 डिग्री के मध्य) पर हो, तो जातक को सर्वश्रेष्ठ और त्वरित परिणाम प्राप्त होते हैं।




