विस्तृत उत्तर
रसातल और अनंत शेष का संबंध पाताल-नागलोक के ब्रह्मांडीय निवास से जुड़ा है। रसातल के नीचे अंतिम लोक पाताल या नागलोक स्थित है, जहाँ नागराज वासुकि और ब्रह्मांड का भार वहन करने वाले भगवान अनंत शेष निवास करते हैं। बलराम जी, जो स्वयं अनंत शेष के अवतार थे, योग समाधि में बैठे तो उनके मुख से विशाल दिव्य श्वेत नाग निकला। उस नाग ने महासागर में प्रवेश कर रसातल की ओर प्रस्थान किया, जहाँ वरुण और प्रमुख नागों ने उसका स्वागत किया। यह घटना सिद्ध करती है कि रसातल और उसके नीचे स्थित पाताल अनंत शेष का मूल ब्रह्मांडीय निवास है।
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