विस्तृत उत्तर
निवातकवच रसातल में रहने वाले अत्यंत भयंकर और शक्तिशाली असुर हैं। उनका नाम इसलिए प्रसिद्ध है क्योंकि उनका कवच इतना अभेद्य है कि वायु भी उसे पार नहीं कर सकती। वे कश्यप और दिति के वंशज बताए गए हैं। महाभारत और अन्य पुराणों के अनुसार उनकी संख्या लगभग तीन करोड़ थी और वे रसातल के महासागरों की गहराइयों में स्थित हिरण्यपुर नामक स्वर्णमयी और मायावी नगर में रहते थे। वे ब्रह्मा से वरदान पाकर देवताओं, यक्षों और गंधर्वों के लिए अवध्य हो गए थे, पर अर्जुन ने इंद्र की आज्ञा से उनका संहार किया।
आगे क्या पढ़ें
प्रश्न से जुड़े हब और आज के उपयोगी पंचांग लिंक





