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विस्तृत उत्तर
इस कथा में समय की शुरुआत किसी घड़ी, सूर्य या चंद्रमा से नहीं, बल्कि ब्रह्मांडीय गति से समझाई गई है। जब महाप्रलय था, तब न सूर्य था, न ग्रहों की चाल और न ऋतुओं का परिवर्तन, इसलिए समय भी निष्क्रिय था। भगवान विष्णु की प्रथम श्वास से कालचक्र चलने लगा और घटनाओं का क्रम शुरू हुआ। इसी से समय का अनुभव संभव हुआ।
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