विस्तृत उत्तर
तीक्ष्णदंष्ट्र महाकाय कल्पान्तदहनोपम। भैरवाय नमस्तुभ्यं अनुज्ञां दातुमहर्हसि।
अर्थ: हे तीखे दांतों वाले, विशाल शरीर वाले, प्रलय की अग्नि के समान! हे भैरव, आपको नमस्कार है, मुझे (साधना की) आज्ञा प्रदान करें।
'तीक्ष्णदंष्ट्र महाकाय' श्लोक का अर्थ: हे तीखे दांतों वाले, विशाल शरीर वाले, प्रलय की अग्नि के समान भैरव, आपको नमस्कार है — मुझे साधना की आज्ञा प्रदान करें।
तीक्ष्णदंष्ट्र महाकाय कल्पान्तदहनोपम। भैरवाय नमस्तुभ्यं अनुज्ञां दातुमहर्हसि।
अर्थ: हे तीखे दांतों वाले, विशाल शरीर वाले, प्रलय की अग्नि के समान! हे भैरव, आपको नमस्कार है, मुझे (साधना की) आज्ञा प्रदान करें।
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