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विस्तृत उत्तर
यक्ष हिंदू धर्मशास्त्रों में एक अत्यंत विशिष्ट और अर्द्ध-दैवीय योनि है। वे पूर्णतः तामसिक या राक्षसी प्रवृत्ति के नहीं होते, बल्कि प्रकृति के रक्षक, वनों, पर्वतों, झीलों और पृथ्वी के गर्भ में छिपे खजानों के अधिष्ठाता देवता माने जाते हैं। यक्षों के अधिपति देव कुबेर हैं, जो देवताओं के कोषाध्यक्ष और अलकापुरी के अधिपति हैं। देवी रूप में इन्हें यक्षिणी कहा जाता है। यक्ष अत्यंत शक्तिशाली, मायावी और इच्छानुसार रूप बदलने में सक्षम होते हैं।
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