ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण

कालाष्टमी प्रश्नोत्तरी — 6 प्रश्न

शास्त्रों और पुराणों पर आधारित कालाष्टमी विषय के प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर — कुल 6 प्रश्न

शिव रूप

भैरव रूप में शिव की पूजा विधि क्या है?

भैरव = शिव का उग्र 5वां अवतार, काशी के कोतवाल। कालाष्टमी (कृष्ण अष्टमी) मुख्य दिन। रात्रि पूजा। 'ॐ कालभैरवाय नमः' 108 बार। काले तिल, सरसों तेल, गेंदा। काले कुत्ते को भोजन। काशी में विश्वनाथ से पहले भैरव दर्शन अनिवार्य।

भैरवअष्टभैरवकालाष्टमी
राजसिक साधना विधि

महाकाल भैरव की राजसिक साधना कब करनी चाहिए?

महाकाल भैरव की राजसिक साधना कृष्ण पक्ष की अष्टमी (कालाष्टमी) या शनिवार की रात्रि में करनी चाहिए।

कालाष्टमीशनिवार रात्रिकृष्ण पक्ष
असाध्य रोग निवारण और विशेष प्रयोग

तांत्रिक बाधा से उत्पन्न रोगों के लिए असितांग भैरव साधना कब करें?

तांत्रिक बाधा/नकारात्मक शक्ति से रोग में कालाष्टमी पर असितांग भैरव का ध्यान और जप करें — यह उच्चाटन, मारण आदि दुष्प्रभावों के लिए ब्रह्मास्त्र की तरह कार्य करता है।

तांत्रिक बाधाकालाष्टमीनकारात्मक शक्ति
साधना विधि और नियम

असितांग भैरव साधना किस दिन शुरू करनी चाहिए?

असितांग भैरव साधना गुरुवार (ज्ञान/त्वरित लाभ), कालाष्टमी या षष्ठी/बुधवार से शुरू की जा सकती है।

गुरुवारकालाष्टमीषष्ठी बुधवार
ग्रह दोष निवारण

शनि राहु दोष निवारण के लिए बटुक भैरव का कौन सा मंत्र जपें?

शनि-राहु दोष के लिए कालाष्टमी पर दीपक जलाकर मंत्र जपें: 'ह्रीं बं बटुकाय मम आपत्ति उद्धारणाय। कुरु कुरु बटुकाय बं ह्रीं ॐ फट स्वाहा।'

शनि राहु मंत्रग्रह शांति मंत्रकालाष्टमी
साधना का समय

बटुक भैरव साधना किस दिन शुरू करनी चाहिए?

बटुक भैरव साधना किसी भी मंगलवार या कालाष्टमी (मंगल विशेष अष्टमी) के दिन शुरू करनी चाहिए।

मंगलवारकालाष्टमीसाधना आरंभ

विषय-वार प्रश्नोत्तर

🙏पूजा विधि📿मंत्र जाप विधि🔱शिव पूजा🔮तंत्र साधना🏠वास्तु शास्त्र💭सपनों का मतलब🪐ज्योतिष उपाय🙏व्रत उपवास🔥देवी पूजा🧘ध्यान साधना🛕तीर्थ यात्रा🔥हवन यज्ञ📜स्तोत्र पाठ🐘गणेश पूजा🙏विष्णु भक्ति📖सनातन दर्शन🕯️श्राद्ध पितृ कर्म🎗️संस्कार विधि❤️भक्ति साधनाधार्मिक उपाय

सनातन धर्म प्रश्नोत्तरी — शास्त्रीय ज्ञान

पौराणिक प्रश्नोत्तरी पर आपको हिंदू धर्म, वेद, पुराण, भगवद गीता, रामायण, महाभारत, पूजा विधि, व्रत-त्योहार, मंत्र, देवी-देवताओं और सनातन संस्कृति से जुड़े सैकड़ों प्रश्नों के प्रामाणिक उत्तर मिलेंगे। प्रत्येक उत्तर शास्त्रों और प्राचीन ग्रंथों पर आधारित है। किसी भी प्रश्न पर क्लिक करें और विस्तृत, प्रमाणित उत्तर पढ़ें।