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गोबर — प्रश्नोत्तरी

शास्त्रों और पुराणों पर आधारित प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर — कुल 3 प्रश्न

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पर्व

अन्नकूट उत्सव में गोवर्धन पर्वत बनाने की विधि क्या है

गोवर्धन विधि: गाय गोबर से लेटे पुरुष (गिरिराज) बनाएँ → नाभि पर कटोरा (दूध/दही) → फूल-तुलसी सजाएँ → पूजा → 56 भोग (छप्पन) अर्पण → 7 परिक्रमा → गाय पूजा। भागवत: कृष्ण ने इन्द्र के बजाय गोवर्धन पूजा कराई।

अन्नकूटगोवर्धनगोबर
त्योहार पूजा

होलिका दहन में गोबर के उपले क्यों जलाते हैं?

उपले: गोमय=पवित्रतम ईंधन (33 करोड़ देवता), वायु शुद्धि (NBRI: जीवाणुनाशक धूम), ऋतु परिवर्तन शुद्धि (शीत→वसंत), कृषि (नई फसल भूनना=होला), पर्यावरण मित्र (renewable)। भरभोलिये=सामुदायिक एकता।

होलिका दहनउपलेगोबर
हवन एवं यज्ञ

अग्निहोत्र में गोबर के कंडे क्यों जलाते हैं

गोबर कण्डे जलाने के कारण: (1) गाय पवित्र — पंचगव्य शास्त्र सम्मत। (2) धीमी-स्थिर अग्नि — यज्ञ हेतु उपयुक्त। (3) वायु शुद्धिकरण — कुछ शोधों में ऑक्सीजन वृद्धि और जीवाणु नाश पाया गया। (4) कम धुआँ। (5) ग्रामीण भारत में सर्वसुलभ। देशी गाय के पूर्णतः सूखे कण्डे प्रयोग करें।

अग्निहोत्रगोबरकंडे

सनातन धर्म प्रश्नोत्तरी — शास्त्रीय ज्ञान

पौराणिक प्रश्नोत्तरी पर आपको हिंदू धर्म, वेद, पुराण, भगवद गीता, रामायण, महाभारत, पूजा विधि, व्रत-त्योहार, मंत्र, देवी-देवताओं और सनातन संस्कृति से जुड़े सैकड़ों प्रश्नों के प्रामाणिक उत्तर मिलेंगे। प्रत्येक उत्तर शास्त्रों और प्राचीन ग्रंथों पर आधारित है। किसी भी प्रश्न पर क्लिक करें और विस्तृत, प्रमाणित उत्तर पढ़ें।