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पिण्डदान — प्रश्नोत्तरी

शास्त्रों और पुराणों पर आधारित प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर — कुल 4 प्रश्न

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श्राद्ध-पितृ कर्म

पिंडदान में पिंड किस अनाज से बनाएं?

पिण्ड सामग्री: चावल (सर्वश्रेष्ठ) या जौ आटा + काले तिल (अनिवार्य) + शहद + घी + दूध → गोल पिण्ड। अंगूठे/मुट्ठी आकार। कुश पर, दक्षिण दिशा। गया = अक्षय फल। विसर्जन = नदी।

पिण्डदानपिण्डअनाज
श्राद्ध-पितृ कर्म

पितृ विसर्जनी अमावस्या पर तर्पण कैसे करें?

सर्वपितृ अमावस्या तर्पण: आश्विन अमावस्या (पितृ पक्ष अंतिम)। सभी पितरों हेतु। विधि: कुतप काल → दक्षिण मुख → अपसव्य → तिल-जौ-कुश-जल तर्पण (प्रति पितर 3 बार) → पिण्डदान → ब्राह्मण भोज → कौवा-गाय-कुत्ते को भोजन → दान। गया सर्वश्रेष्ठ।

सर्वपितृ अमावस्यापितृ विसर्जनीतर्पण
श्राद्ध-पितृ कर्म

महालया पक्ष में पितरों की पूजा कैसे करें?

पितृ पक्ष: भाद्रपद पूर्णिमा से अमावस्या (16 दिन)। मृत्यु तिथि पर श्राद्ध (अज्ञात हो तो अमावस्या)। विधि: दक्षिण मुख → अपसव्य जनेऊ → तिल-जौ-कुश-जल तर्पण → पिण्डदान → ब्राह्मण भोज → कौवे को भोजन → दान। गया पिण्डदान सर्वश्रेष्ठ।

महालयापितृ पक्षश्राद्ध
मंदिर संस्कार

मंदिर में श्राद्ध कर्म कर सकते हैं या नहीं?

सामान्यतः: मंदिर गर्भगृह में श्राद्ध (पिण्डदान) = अनुशंसित नहीं (भिन्न ऊर्जा)। अपवाद: गया विष्णुपद (श्राद्ध तीर्थ), प्रयाग, काशी — मंदिर में श्राद्ध अनुमत। मंदिर में पितर हेतु: विष्णु सहस्रनाम, गीता, अन्नदान = शुभ। श्राद्ध = घर/नदी/तीर्थ। पुरोहित से परामर्श।

श्राद्धपितर कर्ममंदिर श्राद्ध

सनातन धर्म प्रश्नोत्तरी — शास्त्रीय ज्ञान

पौराणिक प्रश्नोत्तरी पर आपको हिंदू धर्म, वेद, पुराण, भगवद गीता, रामायण, महाभारत, पूजा विधि, व्रत-त्योहार, मंत्र, देवी-देवताओं और सनातन संस्कृति से जुड़े सैकड़ों प्रश्नों के प्रामाणिक उत्तर मिलेंगे। प्रत्येक उत्तर शास्त्रों और प्राचीन ग्रंथों पर आधारित है। किसी भी प्रश्न पर क्लिक करें और विस्तृत, प्रमाणित उत्तर पढ़ें।