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विस्तृत उत्तर
रौहिण मुहूर्त कुतुप के बाद का शुभ समय है। यदि कुतुप में कर्म आरंभ न हो सके तो यह पिण्डदान के लिए प्रशस्त है।
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कुतुप के बाद का शुभ श्राद्ध समय।
रौहिण मुहूर्त कुतुप के बाद का शुभ समय है। यदि कुतुप में कर्म आरंभ न हो सके तो यह पिण्डदान के लिए प्रशस्त है।
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